Monsoon: दिल्ली, मुंबई, हिमाचल प्रदेश सहित देशभर के विभिन्न इलाकों में जमकर मानसूनी बारिश हो रही है और कुछ राज्यों में तो मूसलाधार बारिश की वजह से जनजीवन असामान्य हो गया है। असम भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है तो मुंबई की सड़कें जलमग्न हो गई हैं। बारिश के दिनों में अक्सर मेढ़क, कीड़े-मकौड़े, मछलियां इत्यादि कहीं-न-कहीं दिखाई दे जाती है, लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि यह आसमान से गिरते हैं, लेकिन असल सच्चाई क्या है? चलिए आज वह समझते हैं।
क्या आसमान से गिरती हैं मछलियां?
अमूमन बारिश के समय हमेशा मछलियां आसमान से नहीं गिरती हैं। यह एक प्रकार का मिथक है, लेकिन पूरी तरह से इन बातों को नकारना भी सही नहीं है, क्योंकि कुछ विशेष परिस्थितियों में आसमान से मेढ़क, मछलियों इत्यादि को गिरते हुए देखा गया है।

मछली
क्या कहता है विज्ञान?
जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम संबंधी पैटर्न लगातार बदल रहा है। आए दिन तूफान और बवंडर जैसी तीव्र मौसमी घटनाएं देखने को मिलती रहती हैं और इन्हीं घटनाओं की वजह से बारिश के दौरान मछलियां आसमान से गिरती हैं। आसान भाषा में कहें तो समुद्री सतह से जब कोई बवंडर टकराता है तो वह पानी की सतह पर मौजूद मेढ़क, मछलियां, केकड़े इत्यादि जलीय जंतुओं को आसमान की ओर खींचता है।
हवा की तीव्र गति के साथ यह जलीय जीव आसमान में मंडराते रहते हैं, लेकिन बवंडर के शांत होने पर यह मूसलाधार बारिश के साथ नीचे आ जाते हैं। यह एक प्रकार का चक्र है। बता दें कि बवंडर जहां पर उठता है वहां पर बारिश होने की संभावना बेहद कम होती है, क्योंकि बवंडर हवा की गति के साथ आगे बढ़ता रहता है। बवंडर जहां पर शांत होता है उसके आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना रहती है।
