Supermoon: आसमान में आए दिन कोई-न-कोई ऐसी खगोलीय घटनाएं होती हैं, जो अंतरिक्षप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। हाल ही में बक और थंडर मून का नजारा तो आप लोगों ने देखा ही है और अब सुपरमून की बारी है। आसमान में बेहद चमकीला चंद्रमा दिखने वाला है। बस आप लोग अपनी कुर्सी की पेटी बांध लें।
क्या होता है सुपरमून? (What is a Supermoon)
सुपरमून भी एक खगोलीय घटना है जिसमें चंदा मामा हमारी धरती के बेहद करीब आ जाते हैं और सामान्य दिनों की तुलना में चंद्रमा आकार में बड़ा और बेहद चमकीला दिखाई देता है। जब यह नजारा आसमान में आपको दिखाई दे तो समझ जाइएगा कि यह सुपरमून है।
पृथ्वी की परिक्रमा करता है चांद
आप लोगों को यह तो पता ही है कि चंद्रमा, पृथ्वी की परिक्रमा करता है, लेकिन चंद्रमा की पृथ्वी के चारों ओर की कक्षा पूरी तरह से गोल नहीं है, बल्कि अंडाकार होती है। ऐसे में परिक्रमा करते हुए चंद्रमा कभी पृथ्वी के बेहद नजदीक तो कभी दूर चला जाता है, लेकिन जब चंदा मामा पृथ्वी के करीब होते हैं और पूर्णिमा भी हो तो दिखने वाला चांद सुपरमून होता है।

सुपरमून क्या होता है?
भारत में कब दिखेगा सुपरमून?
जैसा हमने कहा था कि आप लोग कुर्सी की पेटी बांध लीजिए, क्योंकि सुपरमून अब दिखाई देने वाला है। भारत में 2024 का पहला सुपरमून 19 अगस्त को दिखाई देगा। बस आपको भारतीय समयानुसार रात 11:56 बजे आसमान की ओर निहारना है। प्रयास करिए कि इस खगोलीय घटना को अप मिस न करें, लेकिन अगर आप इससे वंचित रह जाते हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है।
कब-कब दिखेगा सुपरमून?
19 अगस्त के बाद सितंबर, अक्टूबर और नवंबर को बेहद दिलचस्प नजारा दिखाई देगा। हालांकि, अक्टूबर की 17 तारीख को अपने लिए थोड़ा समय निकाल लीजिएगा, क्योंकि उस दिन इस साल का सबसे बड़ा सुपरमून दिखाई देने वाला है।
कैसे देख सकेंगे सुपरमून?
सुपरमून देखने के लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है। बस आप आसमान की तरफ निहारने के लिए तैयार रहें। जी, हां। आप सुपरमून को नग्न आंखों से देख सकते हैं और अगर ज्यादा खास नजारा देखने की इच्छा है तो टेलीस्कोप का सहारा ले लीजिएगा।
कितनी बार दिखता है सुपरमून?
सुपरमून शब्द की उत्पत्ति 1979 में हुई थी। हालांकि, सुपरमून साल में दो-चार बार हो सकता है। यह पूरी तरह से चंद्रमा की कक्षा और पृथ्वी के साथ उसकी जुगलबंदी पर निर्भर करता है।
