Zafar Sareshwala exclusive interview: 24 मार्च को उमेश पाल हत्याकांड की गूंज यूपी के विधानसभा में जब सुनाई दो तो अंजाम क्या होने वाला है उसका अंदाजा करीब करीब हर किसी को हो चुका था। नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने जब सत्तासीन सरकार पर आरोप लगाए तो सीएम योगी आदित्याथ ने कहा कि जिसकी बात कर रहे हैं उसको किसने संरक्षण दिया था। जिस व्यक्ति की बात कर रहे हैं उसे मिट्टी में मिला देंगे। मार्च के महीने की विधानसभा में कही यह बयान हकीकत में सामने है। पहले अतीक अहमद के बेटे असद का झांसी में एनकाउंटर हुआ तो उसके महज चार दिन बाद प्रयागाराज में तीन बदमाशों ने अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी। इन सबके बीच इस्लामिक स्कॉलर जफर सरेशवाला ने TIMESNOW नवभारत से खास बातचीत में असद, अतीक और शाइस्ता से हुई बातचीत के बारे में बताया।
जफर सरेशवाला बताते हैं कि यह बातचीत उस समय की है जब अतीक अहमद को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद साबरमती जेल शिफ्ट कर दिया गया था और वो अपने संस्था के काम से उस दौरान इलाहाबाद में थे। एक दिन तीन से चार लोग उनसे मिलने के लिए आए थे जिसमें अतीक का बेटा असद भी था। असद उस वक्त एमिटी यूनिवर्सिटी से इंटीग्रेटेड लॉ की पढ़ाई कर रहा था। असद ने खुद और अपने पिता के बारे में परिचय दिया। पहले तो वो कुछ समझ नहीं पाए। असद ने फोन पर अतीक अहमद से बात कराई। अतीक ने कहा कि जफर भाई आप बड़े आदमी हैं और आपसे गुजारिश है। आप कुछ ऐसा कर दीजिए ताकि साबरमती जेल में उसे परेशान ना किया जाए क्योंकि वो डायबिटिक है। इसके साथ ही जफर सरेशवाला ने असद से कहा कि जिस रास्ते पर तुम्हारा पिता है उस रास्ते पर मत जाना। इसके साथ ही उन्होंने शाइस्ता परवीन से भी कहा था कि इस तरह का वातावरण दो ताकि अतीक अहमद के काले कारनामों की परछाईं ना पड़े।
