तेलंगाना चुनाव से पहले राज्य का सियासी पारा चढ़ने लगा है। दिल्ली में वाईएसआर की बेटी और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री की बहन वाईएस शर्मिला ने सीबीआई के पास जाकर केसीआर के सबसे फ्लैगशिप प्रोग्राम कालेश्वरम प्रोजेक्ट को लेकर शिकायत की है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके तेलंगाना सरकार के खिलाफ इस योजना में घोटाले का आरोप भी लगाया है।
शर्मिला ने अपने पिता के नाम पर वाईएसआर तेलंगाना नाम से एक अलग पार्टी बना रखी है। वाईएसआर तेलंगाना पार्टी की प्रेसिडेंट वाईएस शर्मिला ने आरोप लगाया कि कालेश्वरम प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 40000 करोड़ रखी गई थी। जिसक जानबूझकर गलत तरीके से बढ़ोतरी की गई है। जिसके बाद कुल लागत 1 लाख 25हज़ार करोड़ तक बढ़ाई गई। साथ ही इस सिंचाई योजना में 24 लाख एकड़ भूमि इरिगेटेड लैंड की बात की गई थी लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
उन्होंने दावा किया कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2008 में उनके पिता और तत्कालिक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस रेड्डी ने शुरुआत की थी, लेकिन बाद में केसीआर ने मुख्यमंत्री बनने के बाद इस प्रोजेक्ट का नाम बदला, साथ ही उनका एलाइनमेंट भी बदलकर नए सिरे से काम किया। वहीं अनुमानित लागत से करीब 3 गुना ज्यादा पैसा खर्च किया गया है।
केसीआर के साथ-साथ शर्मिला ने बीजेपी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार भ्रष्टाचार हटाने की बात करती है। जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तक इस योजना में हुए घोटाले पर सवाल उठाते रहे हैं। लेकिन केंद्र की सरकार ने अभी तक कोई करवाई नहीं की है। नतीजा उनको इस मामले में सीबीआई जांच के लिए मांग करनी पड़ी है। शर्मिला ने ये भी कहा कि अगर सीबीआई करवाई नहीं करती है तो वो कोर्ट का रुख करेंगी।
अमित कुमार की रिपोर्ट
