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Manish Kasyap का सरेंडरः अफसर बोले- फरार यूट्यूबर को गिरफ्तारी और कुर्की का था डर; समझें- क्या है पूरा केस

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Mar 18, 2023, 01:56 PM IST

Manish Kashyap Latest News in Hindi: कश्यप का यूट्यूब चैनल है। फेसबुक और इंस्टाग्राम सरीखे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर भी उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है। वह इसके अलावा 'सच तक न्यूज' नाम से वेबसाइट और यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं, जिस पर 63 लाख के आसपास सब्स्क्राइबर्स हैं।

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मनीष कश्यप यूट्यूबर हैं और वह मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। (फोटो सोर्सः @SharmaAnjuJi)

Photo : Twitter

Manish Kashyap Latest News in Hindi: यूट्यूबर मनीष कश्यप ने शनिवार (18 मार्च, 2023) को बिहार के बेतिया में सरेंडर कर दिया। सूबे की इकनॉमिक ऑफेंस यूनिट (ईओयू) के अपर पुलिस महानिदेशक नय्यर हसनैन खान ने 'पीटीआई' से कहा- कश्यप दक्षिणी राज्य में श्रमिकों से जुड़े फर्जी न्यूज फैलाने के मामले में बिहार पुलिस और तमिलनाडु पुलिस की ओर से वांछित थे। गिरफ्तारी और अपने सामान की कुर्की के डर से उन्होंने पुलिस के सामने पश्चिम चंपारण जिले के जगदीशपुर में आत्मसमर्पण किया।

ईओयू ने कश्यप और बाकी लोगों के खिलाफ इस आरोप में तीन मामले दर्ज किए थे, जबकि कश्यप के चार बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी है। हालांकि, कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि बेतिया एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने उन्हें जगदीशपुर से तब अरेस्ट किया, जब वह सरेंडर करने कोर्ट जा रहे थे। जमानत याचिका खारिज होने के बाद से कश्यप फरारी काट रहे थे। पुलिस को उनके सरेंडर की भनक लगी थी। बेतिया एसपी ने इसके बाद एक टीम बनाई थी, जिसने यूट्यूबर को पकड़ा। रोचक बात है कि वह शनिवार को ऐसे समय पर सरेंडर करने निकले थे, जब उनके घर पर कुर्की और जब्ती से जुड़ा एक्शन हुआ।

क्या है पूरा माजरा, समझिए

दरअसल, सिविल इंजीनियरिंग के रास्ते यूट्यूबर बनने वाले मनीश कश्यप नेतागीरी की राह (कश्यप साल 2020 में बिहार की चनपटिया विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव भी लड़े) पर फिलहाल निकलते नजर आए। सारा विवाद हाल-फिलहाल में तब खड़ा हुआ, जब उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ वीडिया पोस्ट करते हुए यह दावा किया था कि तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों पर हमले किए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इस बाबत जांच कराई गई सफाई दी गई कि ऐसा कुछ भी नहीं है।

TN में प्रवासियों की पिटाई के वीडियो Fake- बिहार सरकार

वैसे, तमिलनाडु में प्रवासी श्रमिकों पर हमलों के आरोपों की जांच के लिए बिहार सरकार की ओर से भेजी अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम ने 10 मार्च, 2023 को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंपी थी। सीएमओ (मुख्यमंत्री कार्यालय) के बयान के अनुसार, राज्य के ग्रामीण विकास सचिव डी. बालमुरुगन की अध्यक्षता वाली टीम ने सीएम नीतीश कुमार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला है कि सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित तमिलनाडु में प्रवासियों की पिटाई के वीडियो फर्जी थे। इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन भी राज्य में प्रवासी श्रमिकों से मिले और उन्हें आश्वासन दिया कि उन्हें कोई खतरा नहीं है।

मनीष कश्यप से भी एक नजर मिलिए

पश्चिमी चंपारण (बिहार में) के डुमरी महनवा गांव में नौ मार्च 1991 को जन्मे कश्यप अपने आप को "सन ऑफ बिहार" करार देते हैं। हालांकि, उनका असली नाम- त्रिपुरारी कुमार तिवारी है। 2016 में महाराष्ट्र के पुणे से उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री हासिल की और फिर दो साल बाद अपना यूट्यूब चैनल बना लिया था। फेसबुक और इंस्टाग्राम सरीखे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर भी उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है। वह इसके अलावा 'सच तक न्यूज' नाम से वेबसाइट और यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं, जिस पर 63 लाख के आसपास सब्स्क्राइबर्स हैं।
अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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