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'आपने PoK पाकिस्तान को दिया इसे वापस लेने का काम केवल मोदी सरकार करेगी', राज्यसभा में कांग्रेस को शाह का जवाब

अमित शाह ने यह भी कहा कि कांग्रेस को आतंकवाद के बारे में भाजपा से सवाल करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति करती रही है और सत्ता में रहते हुए उसने इस समस्या से निपटने के लिए कभी कोई ठोस नीति नहीं अपनाई। शाह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर उच्च सदन में हुई विशेष चर्चा का जवाब दे रहे थे।

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राज्यसभा में शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

Amit Shah address in Rajyasabha: संसद में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर जारी चर्चा में शरीक होते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। गृह मंत्री ने कहा कि 'पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को आपने पाकिस्तान को दे दिया लेकिन इसे वापस लेने का काम केवल मोदी सरकार करेगी।' साथ ही शाह ने कहा कि हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। गृह मंत्री ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय सुरक्षा को नजरंदाज करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस को आतंकवाद पर सवाल पूछने का अधिकार नहीं-शाह

शाह ने यह भी कहा कि कांग्रेस को आतंकवाद के बारे में भाजपा से सवाल करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति करती रही है और सत्ता में रहते हुए उसने इस समस्या से निपटने के लिए कभी कोई ठोस नीति नहीं अपनाई। शाह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर उच्च सदन में हुई विशेष चर्चा का जवाब दे रहे थे। गृह मंत्री ने चीन से संबंधित विदेश नीति को लेकर सवाल उठाने के लिए भी कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि विपक्षी दल का चीन प्रेम 1960 के दशक से चला आ रहा है। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस की प्राथमिकता देश की सुरक्षा नहीं है। उसका मकसद केवल वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति है... आतंकवाद ने भारत में जड़ें जमाईं, फैला और बढ़ा... इसका एकमात्र कारण कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति और कमजोर नीतियां हैं।’

'पाकिस्तान घुटने टेकने पर मजबूर हो गया'

शाह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ किसी के कहने पर नहीं रोका गया था, बल्कि जब पाकिस्तान घुटने टेकने पर मजबूर हो गया तो उसके ‘डीजीएमओ’ ने फोन करके कहा, बहुत हो गया...।’उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि लोगों को धर्म के आधार पर मारा गया और यह उनके लिए बेहद दुखद है। गृह मंत्री ने कहा, ‘मैं इस सदन के माध्यम से आतंकवादियों से कहना चाहता हूँ... जम्मू-कश्मीर आतंकवाद से मुक्त होगा। यह मोदी जी का संकल्प है।’ शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की जान लेने वाले तीन आतंकवादी ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं और इस हमले में उनकी संलिप्तता वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित कर ली गई है।

गृह मंत्री ने 'ऑपरेशन महादेव' के बारे में दी जानकारी

इसी के साथ शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपने वोट बैंक और तुष्टीकरण की नीति के कारण पाकिस्तान एवं आतंकवादियों को बचाने का प्रयास कर रही है। शाह ने कहा, ‘मैं सदन के माध्यम से, ‘ऑपेरशन महादेव’ की जानकारी पूरे देश को देना चाहता हूं। ‘ऑपेरशन महादेव’ में सुलेमान, अफगान और जिब्रान नाम के तीन आतंकवादी - सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में मारे गए।’ गृह मंत्री के अनुसार, गत 22 अप्रैल को दिन में एक बजे पहलगाम की बैसरन घाटी में हमला हुआ था और वह शाम 5.30 बजे श्रीनगर पहुंच गए थे तथा 23 अप्रैल को एक सुरक्षा बैठक की गई और इसकी पुख्ता व्यवस्था की गई कि नृशंस हत्या करने वाले हत्यारे देश छोड़कर भागने न पाएं।

22 अप्रैल को हुआ पहलगाम में आतंकी हमला

उन्होंने बताया कि पूरी छानबीन एवं वैज्ञानिक तरीकों से यह पुष्टि की गई कि इन तीनों आतंकवादियों ने ही 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में 26 निर्दोष लोगों की जान ली थी। शाह ने कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के दो दिन पहले के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने उनके इस्तीफे की मांग की और प्रश्न किया कि सरकार के पास क्या सबूत हैं कि पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले पाकिस्तानी आतंकवादी थे। गृह मंत्री ने कहा कि वह इस सदन के माध्यम से चिदंबरम से पूछना चाहते हैं कि वह किसे बचाना चाहते थे, पाकिस्तान को, लश्कर-ए-तैयबा को या आतंकवादियों को। उन्होंने कहा, ‘देखिए महादेव क्या करता है? जिस दिन यह प्रश्न पूछा, उसी दिन तीनों आतंकवादी ढेर हो गए।’

(इनपुट भाषा)

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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