अहमदाबाद स्थित गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GCRI) ने एक बार फिर साबित किया है कि यह संस्थान अब सिर्फ गुजरात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश में कैंसर उपचार, अनुसंधान, रोकथाम और शुरुआती पहचान का एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बन चुका है। स्वास्थ्य अवसंरचना को सशक्त करने की जिस दूरदर्शी सोच की नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए रखी थी, उसी नीति को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में GCRI आज राष्ट्रीय स्तर पर कैंसर उपचार का भरोसेमंद संस्थान बनकर उभरा है।
विश्व कैंसर दिवस 2026 के मौके पर जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में GCRI में 26,810 से अधिक नए कैंसर मरीज पंजीकृत हुए। इनमें 9,147 मरीज गुजरात के बाहर से आए, जो संस्थान की राष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है। मध्य प्रदेश से 4,572, राजस्थान से 2,678, उत्तर प्रदेश से 1,094, बिहार से 288 और महाराष्ट्र से 279 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि GCRI अब एक मजबूत ‘नेशनल रेफरल सेंटर’ के रूप में स्थापित हो चुका है।
सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में अत्याधुनिक तकनीक की नई मिसाल
कैंसर सर्जरी के क्षेत्र में GCRI ने अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए नए मानक स्थापित किए हैं। संस्थान में अब रोबोटिक असिस्टेड कैंसर सर्जरी और HIPEC (हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी) जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं। बीते छह महीनों में यहां 50 रोबोटिक असिस्टेड कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं, जबकि पिछले तीन वर्षों में 40 HIPEC प्रक्रियाएं पूरी की गई हैं। HIPEC जैसी जटिल तकनीक पेट के भीतर फैले कैंसर के इलाज में बेहद प्रभावी मानी जाती है और यह सुविधा अब GCRI में मरीजों को उपलब्ध है।
कैंसर की सटीक जांच के लिए PET-CT स्कैन जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग भी लगातार बढ़ा है। यह जांच PET और CT दोनों तकनीकों का संयोजन है, जो बीमारी की बेहद बारीक जानकारी देती है। GCRI में PET-CT जांचों की संख्या 2021 में 1,813 से बढ़कर 2025 में 6,333 तक पहुंच गई है।
इलाज, सर्जरी और जांच में लगातार बढ़ता दायरा
वर्ष 2025 में GCRI में कैंसर उपचार को लेकर 2.59 लाख से अधिक OPD विजिट दर्ज की गईं। इसी दौरान 17,800 से ज्यादा सर्जरी की गईं, जिनमें 50 बोन मैरो ट्रांसप्लांट भी शामिल हैं। इसके अलावा, 50,130 से अधिक कीमोथेरेपी सत्र, 5,852 रेडिएशन ट्रीटमेंट और 24.6 लाख से ज्यादा लैब जांचें भी की गईं।
रोकथाम और शुरुआती पहचान पर विशेष जोर
कैंसर की रोकथाम और प्रारंभिक पहचान को प्राथमिकता देते हुए GCRI ने वर्ष 2025 में पूरे गुजरात में 110 सामुदायिक स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए, जिनमें 12,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया। अक्टूबर 2021 से चल रही ‘नो-कॉस्ट कैंसर स्क्रीनिंग OPD’ के तहत अब तक 50,000 से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है, जिसमें 118 कैंसर मामलों की पहचान शुरुआती अवस्था में हुई।
इसके साथ ही, HIV संक्रमित महिलाओं के लिए चलाए गए HPV DNA स्क्रीनिंग कार्यक्रम में 1,400 से अधिक महिलाओं की जांच की गई। इनमें 21 प्रतिशत महिलाएं HPV पॉजिटिव पाई गईं और आगे की जांच में सर्विक्स कार्सिनोमा इन-सिटू (CIN) के 57 मामले सामने आए, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सका।
विश्व कैंसर दिवस पर 500 कैंसर सर्वाइवर्स का सम्मान
विश्व कैंसर दिवस 2026 के अवसर पर 4 फरवरी को GCRI में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें 10 वर्षों से अधिक समय से कैंसर-मुक्त 500 सर्वाइवर्स को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन इस संदेश को मजबूत करेगा कि समय पर पहचान और सही उपचार से कैंसर पर विजय पाना संभव है।
