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Safe Her: ट्रिप पर जाते वक्त इन बातों का खास ख्याल रखें महिलाएं, पढ़ें 4 सेफ्टी टिप्स

Safety Tips for Women on Trips: आज के दौर में महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है। कभी ऑफिस के काम से तो कभी सोलो ट्रिप पर महिलाएं आउट ऑफ स्टेशन जाती रहती हैं। ऐसे में यदि आप भी कभी बाहर घूमने जा रही हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ख्याल रखें।

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ट्रिप के दौरान महिलाओं को रखना होगा खास ख्याल।

Women Safety Tips: महिलाओं को घूमने जाने से पहले या फिर किसी भी ट्रिप पर जाने से पहले कई बार सोचना पड़ता है। उनको अपनी सुरक्षा को लेकर तमाम चिंताएं होती हैं, डर लगता है। आज के दौर में ये चिंता बढ़ती ही जा रही है। यदि आप भी अपने दोस्तों के साथ, सोलो ट्रिप या फिर ऑफिस ट्रिप पर आउट ऑफ स्टेशन जा रही हैं तो कुछ अहम बातों का ख्याल जरूर रखें।

अपने साथ जरूर रखें सेफ्टी टूल्स

महिलाओं को अपनी सुरक्षा के मद्देनजर जरा भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए। उन्हें ट्रिप पर जाते वक्त अपने बैग में कुछ जरूरी सामान रखना नहीं भूलना चाहिए। इनमें पेपर स्प्रे, सेफ्टी टॉर्च, सेफ्टी अलार्म, स्टन गन और सेफ्टी नाइफ शामिल हैं। इमरजेंसी सिचुएशन में ये सारे टूल्स आपके काम आ सकते हैं।

अजनबियों से बनाए रखें दूरी

यदि आप सोलो ट्रिप पर हैं या ऑफिस के काम से बाहर गई हैं। तो रास्ते में मिलने वाले अजनबियों से एक निश्चित दूरी बनाए रखना जरूरी है। आपको अंजान लोगों पर भरोसा करने से पहले सौ बार सोचना चाहिए। कोई भी कुछ खाने को दे, उसे साफ इनकार कर दें।

रात में ना करें कोई लापरवाही

आपको ट्रिप के दौरान हर वक्त चौकन्ना रहना होगा। एक तो आप अंजान जगह पर होंगी और तो और वहां यदि रात में निकलती हैं तो खतरे की स्थिति बन सकती है। रात में अकेले निकलने से आपको बचना चाहिए। यदि कोई जरूरी काम है तो अपने परिवारवालों को अपना लाइव लोकेशन जरूर भेज दें। इसके अलावा आपको सुनसान जगहों पर जाने से भी बचना चाहिए।

मोबाइल को हमेश रखें चार्ज

ट्रिप के दौरान अपने पास पावर बैंक जरूर साथ रखें। ये कोशिश करें कि बाहर निकलते वक्त आपका मोबाइल फोन फुल चार्ज हो। यदि पावर बैंक आपके साथ रहेगा तो मोबाइल डिस्चार्ज नहीं होगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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