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ममता बनर्जी का सार्वजनिक बहिष्कार करेंगे राज्यपाल सीवी आनंद बोस, बोले- नहीं साझा करूंगा कोई भी मंच

RG Kar Medical College and Hospital Case: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कोई भी सार्वजनिक मंच साझा नहीं करेंगे। आरजी कर अस्पताल मामले पर गतिरोध को लेकर लोगों के गुस्से को देखते हुए राज्यपाल ने यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि मैं बंगाल के लोगों के लिये प्रतिबद्ध हूं।

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बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • लोगों के गुस्से को देखते हुए राज्यपाल ने लिया बड़ा निर्णय।
  • मुख्यमंत्री का सामाजिक बहिष्कार करेंगे राज्यपाल।
  • डॉक्टरों के साथ बैठक नहीं होने के बाद राज्यपाल ने लिया निर्णय।

RG Kar Medical College and Hospital Case: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने बृहस्पतिवार को कहा कि आरजी कर अस्पताल मामले पर गतिरोध को लेकर लोगों के गुस्से को देखते हुए वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कोई भी सार्वजनिक मंच साझा नहीं करेंगे। बोस ने एक वीडियो संदेश में यह भी कहा कि वह मुख्यमंत्री का सामाजिक बहिष्कार भी करेंगे।

CM के साथ कोई भी मंच साझा नहीं करेंगे राज्यपाल

बोस ने कहा, ‘‘मैं मुख्यमंत्री के साथ कोई भी सार्वजनिक मंच साझा नहीं करूंगा। मैं संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए उनके खिलाफ कदम उठाऊंगा। राज्यपाल के रूप में मेरी भूमिका संवैधानिक दायित्वों तक ही सीमित रहेगी।’’ राज्यपाल का यह संदेश मुख्यमंत्री और प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टर के बीच प्रस्तावित बैठक नहीं होने के बाद आया है।

बोस ने कहा, ‘‘राज्यपाल बंगाल में मौजूदा संकट को समाप्त करने के लिए क्या कार्रवाई प्रस्तावित कर रहे हैं, इस बारे में जनता के विभिन्न वर्गों से मुझे ढेर सारे सवाल और ज्ञापन मिल रहे हैं। मैं बंगाल के लोगों के लिये प्रतिबद्ध हूं।’’ बोस ने आरजी कर अस्पताल की उस चिकित्सक के माता-पिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई जिसकी कथित तौर पर दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके साथ ही उन्होंने न्याय के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों के प्रति भी प्रतिबद्धता को दोहराया।

'कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रही सरकार'

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि सरकार अपने कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रही है। गृह मंत्री कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी में विफल रही हैं।’’ मुख्यमंत्री गृह और स्वास्थ्य विभाग की प्रभारी हैं। राज्यपाल ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 167 के तहत मुख्यमंत्री को अनुपालन के लिए निर्देश जारी कर रहे हैं।

बोस ने कहा कि उन्होंने बनर्जी से आरजी कर अस्पताल गतिरोध के मद्देनजर एक आपातकालीन कैबिनेट बैठक बुलाने के लिए कहा था। राज्यपाल ने सरकार के कथित वित्तीय कुप्रबंधन पर एक श्वेत पत्र भी मांगा है। हालांकि, इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

कल्याण बनर्जी ने सरकार से की यह अपील

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के आंदोलनकारी चिकित्सकों की आलोचना करते हुए उन्हें ‘‘अमानवीय और डॉक्टर बनने के लिए अयोग्य’’ कहा और राज्य सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उन्हें अपनी अंतिम परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाए।

प्रदर्शनकारी चिकित्सकों के मुख्यमंत्री के साथ बैठक के लिये नबान्न नहीं पहुंचने पर बनर्जी का यह गुस्सा फूटा। बनर्जी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जो डॉक्टर पिछले एक महीने से लाखों मरीजों की जान को जोखिम में डालकर आंदोलन कर रहे हैं, वे डॉक्टर बनने के योग्य नहीं हैं। वे डॉक्टर बनने के लिये उपयुक्त नहीं हैं। मैं यह समझ पाने में विफल रहा कि ये डॉक्टर इतना अमानवीय व्यवहार कैसे करते हैं। मैं राज्य सरकार से आग्रह करूंगा कि वे यह सुनिश्चित करें कि विरोध प्रदर्शन कर रहे इन जूनियर डॉक्टरों को उनकी अंतिम परीक्षा में बैठने की अनुमति न दी जाए।’’

(इनपुट: भाषा)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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