पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने एक बार फिर चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र अभी 65 साल से ज्यादा नहीं हुई है।
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत करते हुए उमा भारती ने कहा कि हां, मैं चुनाव लड़ूंगी। मेरी उम्र 65 साल भी नहीं है, लेकिन मैं तब लड़ूंगी जब मुझे लगेगा कि मैं इसके लिए तैयार हूं। हालांकि, इस समय चुनाव लड़ना एक बाधा होगी। बता दें कि उमा भारती ने आखिरी बार 2014 में सफलतापूर्वक लोकसभा चुनाव लड़ा था।
क्या कुछ बोलीं उमा भारती?
उमा भारती ने कहा, ''अभी तो यह एक बाधा होगी। मेरी एक कमजोरी है। मैं अपनी प्रतिबद्धता के प्रति बेहद ईमानदार हूं। इसलिए अगर मैं संसदीय सीट से चुनाव लड़ती हूं तो मेरा पूरा समय और ध्यान लोगों के लिए समर्पित होगा, यह सुनिश्चित करते हुए कि उन्हें कोई समस्या न हो और अगर कुछ हुआ तो मैं खुद को जिम्मेदार मानूंगी और दोषी महसूस करूंगी और अगर मैं मंत्री बन जाती हूं तो यह एक और जिम्मेदारी है। इसलिए, ये जिम्मेदारियां मिलकर मुझे उस जिम्मेदारी को पूरा नहीं करने देंगी जिसके लिए मैं अभी समर्पित हूं।''
उमा भारती ने स्पष्ट लक्ष्यों और दृढ़ संकल्प वाली व्यक्ति होने का दावा करते हुए कहा कि अगर चुनाव लड़ने से यह लक्ष्य पूरा होता है, तो वह जरूर चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा, ''मैं स्पष्ट लक्ष्यों और दृढ़ संकल्प वाली हूं। अगर चुनाव लड़ने से यह लक्ष्य पूरा होता है तो मैं चुनाव लड़ूंगी; अगर नहीं होता है तो नहीं लड़ूंगी।"
उमा भारती ने आगे कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए उन्हें किसी 'वस्तु' की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं में बेहद शक्तिशाली हूं। मुझे सत्ता पाने के लिए किसी वस्तु की जरूरत नहीं है, मैं खुद एक शक्तिशाली वस्तु हूं। कुछ लोग बिना शक्ति के भी शक्तिशाली होते हैं, और मेरे पास जनता की शक्ति है। जनता ने मुझे साहस दिया है और वह साहस मेरे बहुत काम आता है।"
उमा भारत ने कब-कब लड़ा चुनाव?
उमा भारती ने 1989 में खजुराहो से लोकसभा चुनाव लड़कर अपनी संसदीय यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने 1991, 1996 और 1998 में लगातार तीन बार इस सीट पर जीत हासिल की। 1999 के चुनावों में उन्होंने अपना ध्यान भोपाल निर्वाचन क्षेत्र पर केंद्रित किया। बाद में, 2003 में उन्होंने मध्य प्रदेश में भाजपा के मुख्यमंत्री पद उम्मीदवार के तौर पर प्रचार अभियान का नेतृत्व किया और जीत हासिल की जिसकी बदौलत दिग्विजय सिंह का एक दशक पुराना शासन समाप्त हो गया।
उमा भारती ने आखिरी बार 2014 के आम चुनावों में उत्तर प्रदेश के झांसी से चुनाव लड़ा और समाजवादी पार्टी के चंद्रपाल यादव को हराकर चुनावी जीत हासिल की और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बनीं।
