हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सड़क से लेकर सदन तक जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। सत्र की शुरुआत से पहले कांग्रेस के तमाम विधायकों ने काले कपड़े पहन कर तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरा। इस दौरान विधानसभा में एंट्री को लेकर सुरक्षा कर्मियों और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत तमाम कांग्रेसी विधायकों के बीच जमकर धक्का मुक्की भी हुई। कांग्रेस के ही पार्टी द्वारा निलंबित विधायक जनरल सिंह ने सदन के अंदर सिख दंगे से जुड़े मामले को उठाने के लिए जब पोस्टर लहराया तो कांग्रेस के ही एक विधायक इंदुराज नरवाल ने उनके हाथ से पोस्टर छीन लिया इसको लेकर बीजेपी उन पर हमलावर नजर आई और इसे एक दलित और सिख विधायक का अपमान बताया।
सदन में इतनी ज्यादा गम गामी बढ़ गई की दो बार कार्रवाही को स्थगित करना पड़ा इसके बाद स्पीकर ने कांग्रेस के 8 विधायकों को एक सदन की कार्रवाई से 1 दिन के लिए निलंबित कर दिया।हरियाणा विधानसभा स्पीकर ने इंदु राज नरवाल , शकुंतला खटक , गोकुल सेतिया , बलराम डांगी , आदित्य सुरजेवाला , देवेंद्र हंस और विकास सहारण को सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया।
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन बेहद हंगामेदार रहा और सदन एक सियासी अखाड़े में बदल गया जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों आपस में उलझते हुए नजर आए दोनों तरफ से एक दूसरे को लेकर नारेबाजी हुई दरअसल इसकी शुरुआत कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के साथ शुरू हुई कांग्रेस के तमाम विधायक आज काले कपड़े पहनकर हाथों में पोस्ट और शक्तियां लेकर विधानसभा की तरफ बड़े और उन्होंने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।
जरनैल सिंह ने सिख दंगों से जुड़े मामले में न्याय की मांग करते हुए एक पोस्ट लहराया
इस दौरान जब विधानसभा में विधायक एंट्री करने लगे तो सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया और कहा कि वह विधानसभा में तख्ती लेकर नहीं जा सकते इसके बाद काफी देर तक बहस हुई इस दौरान धक्का मुक्की भी जमकर की गई कांग्रेस विधायकों ने सुरक्षाकर्मियों पर जानबूझकर बदसलूकी करने का आरोप लगाया और एक्शन की मांग की इसी मामले को जब सदन में उठाया गया तो स्पीकर के आश्वासन के बावजूद विपक्ष नहीं माना और वह नारेबाजी करते रहे इसी दौरान कांग्रेस के ही विधायक जरनैल सिंह ने सिख दंगों से जुड़े मामले में न्याय की मांग करते हुए एक पोस्ट लहराया जिसे कांग्रेस के ही एक अन्य विधायक इंदुराज नरवाल ने उनके हाथ से छीन लिया इस पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे एक दलित और सिख विधायक का अपमान बताया।
'जरनैल सिंह गद्दार है और वह बीजेपी के इशारे पर यह सब कर रहा है'
इस मामले में जब पोस्टर छीनने वाले इंदुराज नरवाल से बात की गई तो उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया बल्कि उल्टा बीजेपी पर आरोप लगाया कि हमें अंदर प्रदर्शन नहीं की करने दिया जा रहा है तो बीजेपी विरोध प्रदर्शन कैसे कर सकती है दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है।वहीं कांग्रेस के एक अन्य विधायक जस्सी पेटवाड़ ने कहा जरनैल सिंह गद्दार है और वह बीजेपी के इशारे पर यह सब कर रहा है बीजेपी सिखों के न्याय की बात करती है लेकिन हाल ही में अंबाला में सिखों पर लाठियां बरसाईं गईं और किसान आंदोलन के दौरान भी किसानों पर अत्याचार किए गए।
सरकार की तरफ से कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि विधानसभा लोकतांत्रिक चर्चा और बहस का मंच है,जहां सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कांग्रेस के बागी विधायक जरनैल सिंह के हाथ से पोस्टर छीने जाने की घटना को लेकर कांग्रेस विधायकों के रवैये पर आपत्ति जताई। उन्होंने सदन की मर्यादा बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
