Kolkata Hoarding Row: तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस और कोलकाता नगर निगम (KMC) के अधिकारियों को 'अवैध' होर्डिंग हटाने के लिए उनके स्थानीय कार्यालय में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान अभिषेक बनर्जी की नगर निगम के अधिकारियों के साथ बहस भी हो गई।
क्या है पूरा मामला?
अधिकारियों ने बताया कि मध्य कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट इलाके में अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के ऊपर लगा तृणमूल कांग्रेस के चिह्न वाला होर्डिंग कथित तौर पर अवैध है और उसे हटाया जाना था। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारी होर्डिंग हटाने की अनुमति देने वाला उचित नोटिस प्रस्तुत करने में विफल रहे और जबरन कार्यालय परिसर में घुस गए।
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अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई मनमानी है और विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाकर की गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आसपास की इमारतों पर लगे इसी तरह के निजी होर्डिंग के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। तनाव के मद्देनजर घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। केएमसी अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई नगर निगम के नियमों के अनुरूप की गई है।
'150 से ज्यादा पुलिसकर्मी घुसे'
डेरेक ओ'ब्रायन ने केएमसी और पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दोपहर करीब 3:30 बजे केएमसी अधिकारी पुलिस के साथ एक 'अवैध नोटिस' लेकर पहुंचे। डेरेक ओ'ब्रायन के मुताबिक, नोटिस पर किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे और उसमें एक तस्वीर होने का जिक्र था, लेकिन मौके पर कोई तस्वीर मौजूद नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि नोटिस में कार्रवाई से जुड़ी जरूरी जानकारी भी नहीं दी गई थी।
उन्होंने कहा, "हमने करीब डेढ़ घंटे तक उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद वे अवैध रूप से इमारत में घुस गए।" उन्होंने आरोप लगाया कि 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी इमारत के अंदर पहुंचे और सीढ़ियों पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई। उनके मुताबिक, उस समय अभिषेक बनर्जी भी वहां मौजूद थे। उन्होंने आगे दावा किया कि पार्टी के 10 से 15 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
