कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस के गुट को चार बैंक खातों का संचालन करने की अंतरिम अनुमति देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि ऐसी राहत देने से उसके पूर्व के उस आदेश का उद्देश्य कमजोर होगा, जिसमें राजनीतिक दल को रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने की अनुमति दी गई थी।
चारों खातों में करीब 804 करोड़ रुपये की धनराशि जमा
चारों खातों में करीब 804 करोड़ रुपये की धनराशि जमा है। अदालत ने निर्देश दिया कि दुर्गा पूजा की छुट्टियों के बाद इस मामले पर फिर सुनवाई होगी। इससे पहले सभी पक्ष अपने-अपने रुख को स्पष्ट करते हुए हलफनामे दाखिल करेंगे। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि चारों बैंक खातों के संचालन की अनुमति देने वाला एक और आदेश पारित करना उनके पिछले आदेश को 'त्रुटिपूर्ण' बना देगा।
तृणमूल ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में मौजूद चार बैंक खातों का संचालन करने की अनुमति मांगी थी, जिन पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने निकासी पर रोक लगा दी थी। पार्टी का दावा था कि खातों पर रोक लगाने से संबंधित प्राथमिकी में कुछ खामियां हैं।राज्य सरकार ने कहा कि आपराधिक मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की गई है और पुलिस को अपनी जांच जारी रखने की अनुमति देने का अनुरोध किया।
'चारों खातों के संबंध में किसी और आदेश की आवश्यकता नहीं'
पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि नौ जुलाई के उनके आदेश के तहत तीन अन्य खातों से राजनीतिक दल के रोजमर्रा के खर्चों का भुगतान और निपटारा करने के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया गया है। ऐसे में इस चरण में चारों खातों के संबंध में किसी और आदेश की आवश्यकता नहीं है।
जांच को लेकर एक रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष पेश की गई
बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के साइबर अपराध थाने की ओर से जांच को लेकर एक रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष पेश की गई। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने सात जुलाई को पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ द्वारा चार बैंक खातों पर रोक लगाने के फैसले को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।राज्य पुलिस ने इससे पहले तृणमूल के तीन अन्य निजी बैंकों के खातों पर भी रोक लगा दी थी, जिसे पार्टी ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
