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केवल एयर इंडिया को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है- याचिकाकर्ता से जब पूछ लिया सुप्रीम कोर्ट ने सवाल, जानिए पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए तीखे सवाल पूछ लिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ एयर इंडिया का नाम ही क्यों याचिका में है?

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एयर इंडिया की प्लेन (फाइल फोटो- PTI)

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एयर इंडिया की सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य संबंधित पहलुओं की जांच के लिए शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता से पूछा कि केवल एयर इंडिया को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है, जो हाल ही में एक “दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी” का शिकार हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछे तीखे सवाल

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता वकील नरेन्द्र कुमार गोस्वामी को सुझाव दिया कि वे अपनी जनहित याचिका वापस लें और यदि कोई शिकायत है तो उचित मंच का सहारा लें। पीठ ने कहा- “ऐसी धारणा न बने कि आप अन्य एयरलाइंस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। केवल एयर इंडिया को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है, जबकि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी का शिकार हुई है? यदि आप नियामक व्यवस्था चाहते हैं तो आपने अन्य एयरलाइंस को अपनी याचिका में क्यों शामिल नहीं किया?”

याचिकाकर्ता का दावा

याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि वे एयरलाइन के साथ हुई किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के प्रभावित हैं। इस पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा,

“हम भी नियमित रूप से यात्रा करते हैं और जानते हैं कि स्थिति क्या है। एक त्रासदी हुई है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह किसी एयरलाइन की आलोचना करने का समय नहीं है।”

याचिका में क्या

गोस्वामी ने जुलाई में दायर अपनी जनहित याचिका में एयर इंडिया की सुरक्षा व्यवस्था, रखरखाव प्रक्रियाओं और परिचालन प्रोटोकॉल की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति गठित करने का निर्देश देने का आग्रह किया था। उन्होंने यह भी मांग की थी कि इस समिति को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इसके अतिरिक्त, याचिकाकर्ता ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) द्वारा मान्यता प्राप्त एक अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा एजेंसी से एयर इंडिया के पूरे बेड़े का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश देने का अनुरोध किया था। इसके तहत 2024 ICAO ऑडिट रिपोर्ट में पहचानी गई कमियों को दूर किया जाना था, और यह ऑडिट छह महीने के भीतर पूरा किया जाना था।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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