संसद का बजट सत्र बहुत ही रोचक मोड़ पर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार 23 जुलाई को बजट पेश किया था और अब संसद में बजट पर बहस चल रही है। आज यानी सोमवार 29 जुलाई को बजट पर बहस के लिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खड़े हुए। इस दौरान उन्होंने बजट के हलवे को लेकर जो बातें कहीं, उसे लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की हंसी छूट गई और उन्होंने माथा पकड़ लिया। चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला -
वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक तस्वीर लहराई, जिस पर उन्हें स्क्रीन से हटा दिया गया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उन्हें रोका। इस पर राहुल गांधी ने कहा, सर मैं एक तस्वीर दिखा रहा हूं और आपने टीवी ऑफ कर दिया। जब लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि टीवी ऑफ नहीं है, उसमें मेरा चेहरा दिख रहा है तो राहुल गांधी बार-बार दोहराते रहे कि टीवी ऑफ है।
फोटो दिखाने की इजाजत नहीं
राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा, आप टीवी ऑफ कर देते हैं। इस दौरान वह बार-बार फोटो दिखाते रहे। ओम बिड़ला ने उन्हें फिर टोका तो इस पर राहुल गांधी ने माफी भी मांगी। ओम बिड़ला ने कहा कि फोटो दिखाने की इजाजत नहीं है। बार-बार टोके जाने के बाद राहुल गांधी ने फोटो नीचे रखकर अपनी बात आगे रखी।नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, सर मैं इस तस्वीर को समझाना चाहता हूं। उन्होंने कहा, 'इसमें बजट का हलवा बंट रहा है। और इस फोटो में सर मुझे एक ओबीसी अफसर हीं दिख रहा, एक आदिवासी अफसर नहीं दिख रहा। एक दलित अफसर नहीं दिख रहा मुझे। ये हो क्या रहा है सर, देश का हलवा बंट रहा है सर और इसमें 73 पर्सेंट कहीं हैं ही नहीं।'
और निर्मला सीतारमण ने सिर पकड़ लिया
राहुल गांधी की इसी बात पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हंसते हुए अपना सिर पकड़ लिया। उधर राहुल गांधी का भाषण जारी था। उन्होंने कहा, 'सर आप ये हलवा खा रहे हो। और बाकी देश को हलवा मिल ही नहीं रहा है। 20 अफसरों ने बजट को तैयार किया, हमने पता लगाया है सर।' इस पर वित्त मंत्री मुस्कुराते हुए सिर हिलाते दिखीं।राहुल गांधी ने अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने कहा, 'हमारे पास उन 20 अफसरों के नाम हैं, आप चाहते हैं तो मैं उनके नाम दे दूंगा। 20 अफसरों ने हिंदुस्तान का बजट तैयार किया है। मतलब हिंदु्स्तान का जो हलवा है, 20 लोगों ने बांटने का काम किया है। उन 20 लोगों में 90 परसेंट लोगों में से सिर्फ 2 हैं एक माइनॉरिटी और एक ओबीसी। और इस फोटो में एक भी नहीं है। मतलब फोटो में आपने पीछे कर दिया। फोटो में तो आने ही नहीं दिया आपने। कोई नहीं आ सकता। और मैं चाहता था कि बजट में जातीय जनगणना की आवाज उठे। पूरा देश चाहता है। 95 पर्सेंट लोग चाहते हैं। कौन चाहता है - दलित चाहते हैं, आदिवासी चाहते हैं, पिछड़ा वर्ग चाहता है, गरीब जनरल कास्ट के लोग चाहते हैं, माइनॉरिटी चाहता है। क्योंकि सबको जानना है कि हमारी भागीदारी कितनी है, हमारी हिस्सेदारी कितनी है।'
