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लाडकी बहन लाभार्थियों की क्यों हो रही जांच? महाराष्ट्र सरकार की मंत्री अदिति ने दिया यह जवाब

Ladki Bahin Scheme: महाराष्ट्र सरकार की मंत्री अदिति तटकरे ने शनिवार को कहा कि परिवहन एवं आयकर विभागों की मदद से मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना के लाभार्थियों की जांच की प्रक्रिया जारी है। लाडकी बहिन योजना के 2.43 करोड़ से अधिक लाभार्थी हैं, जिससे राज्य के खजाने पर हर महीने लगभग 3,700 करोड़ रुपये का बोझ आता है।

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महाराष्ट्र सरकार की मंत्री अदिति तटकरे (फोटो साभार: @iAditiTatkare)

Photo : Twitter

Ladki Bahin Scheme: महाराष्ट्र सरकार की मंत्री अदिति तटकरे ने शनिवार को कहा कि परिवहन एवं आयकर विभागों की मदद से मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना के लाभार्थियों की जांच की प्रक्रिया जारी है। पत्रकारों से यहां बात करते हुए राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि 4,500 महिलाओं ने योजना से बाहर निकलने के लिए आवेदन किया है।

लाडकी बहिन योजना

पिछले साल अगस्त में प्रदेश के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है ।

फर्जी लाभार्थियों के बारे में हो रही जांच

मंत्री ने कहा कि योजना के फर्जी लाभार्थियों के बारे में शिकायतों के आधार पर जांच की जा रही है। तटकरे ने कहा कि सलाभार्थियों की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक होने, कुछ के पास एक से अधिक निजी वाहन होने, सरकारी नौकरी में कार्यरत होने और विवाह के बाद दूसरे राज्यों में चले जाने की शिकायतें मिली हैं।

मंत्री ने कहा कि जांच एक सतत प्रक्रिया है और आगे भी जारी रहेगी। मंत्री ने कहा कि इस योजना से बाहर निकलने के लिए 4,500 महिलाओं ने आवेदन किया है। पिछले साल राज्य विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई लाड़की बहिन योजना ने सत्तारूढ़ महायुति की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गौरतलब है कि लाडकी बहिन योजना के 2.43 करोड़ से अधिक लाभार्थी हैं, जिससे राज्य के खजाने पर हर महीने लगभग 3,700 करोड़ रुपये का बोझ आता है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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