देश

सुब्रत गुप्ता कौन हैं? SIR के लिए चुनाव आयोग के ऑब्जर्वर और अब बने CM सुवेंदु अधिकारी के सलाहकार

Who is Subrata Gupta: सुब्रत गुप्ता को नवंबर 2025 में ECI द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास की देखरेख के लिए नियुक्त किया गया था। अब वे बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के सलाहकार बन गए हैं।

Image

सुब्रत गुप्ता कौन हैं? SIR के लिए चुनाव आयोग के ऑब्जर्वर और अब बने CM सुवेंदु अधिकारी के सलाहकार

Suvendu Adhikari Advisor: रिटायर्ड IAS अधिकारी सुब्रत गुप्ता को 9 मई को पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति ने काफी ध्यान खींचा है, क्योंकि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के लिए विशेष रोल पर्यवेक्षक (SRO) के रूप में काम किया था।

डॉ. सुब्रत गुप्ता कौन हैं?

पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के IAS अधिकारी, उन्होंने IIT खड़गपुर से PhD की है। उन्होंने जलपाईगुड़ी और बर्दवान में जिलाधिकारी (DM) के रूप में कार्य किया है।

वे 2007 से 2011 तक पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (WBIDC) के प्रबंध निदेशक (MD) रहे। इससे पहले, वे भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में केंद्रीय सचिव थे।

2026 के पश्चिम बंगाल चुनावों में उनकी क्या भूमिका थी?

नवंबर 2025 में ECI ने गुप्ता को 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया की देखरेख के लिए नियुक्त किया था। इस प्रक्रिया का उद्देश्य अयोग्य मतदाताओं की पहचान करके उन्हें सूची से हटाना और इस तरह एक 'साफ-सुथरी' मतदाता सूची सुनिश्चित करना था।

TMC ने सुब्रत गुप्ता पर BJP के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया

TMC ने सुब्रत गुप्ता पर BJP के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया

प्रशासनिक हलकों में उन्हें काफी हद तक शांतिपूर्ण और हिंसा-मुक्त चुनाव संपन्न कराने का श्रेय दिया जाता है।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उन पर BJP के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। विशेष रूप से, SIR प्रक्रिया के दौरान अल्पसंख्यक मतदाताओं को चुन-चुनकर सूची से हटाने का आरोप लगाया गया।

उनका नया पद क्या है?

चुनाव संबंधी कर्तव्यों से मुक्त होने के 48 घंटों के भीतर ही गुप्ता को उनकी नई भूमिका सौंप दी गई। उम्मीद है कि उनका बड़ा प्रशासनिक अनुभव, BJP के नेतृत्व वाले नए प्रशासन को नीति-समन्वय और शासन-प्रबंध में सहायता प्रदान करेगा।

यह नियुक्ति सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के बड़े भारी पुनर्गठन का हिस्सा है, जिसमें शांतनु बाला (2017-बैच के IAS) को मुख्यमंत्री का निजी सचिव नियुक्त करना भी शामिल था।

हालांकि नई सरकार उन्हें एक अत्यंत कुशल अधिकारी मानती है, लेकिन आलोचकों और राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने उनकी हालिया भूमिका को एक निष्पक्ष चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर देखते हुए, संस्थागत निष्पक्षता को लेकर चिंताएं जताई हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article