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नोएडा हिंसा का मास्टरमाइंड आदित्य आनंद तमिलनाडु से गिरफ्तार; QR कोड से बनाए थे व्हाट्सएप ग्रुप, जिनसे फैलाई हिंसा

नोएडा में हालिया हिंसक प्रदर्शनों की साजिश के मास्टरमाइंड आदित्य आनंद को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। नोएडा पुलिस द्वारा इस हिंसा की जांच के दौरान उसका नाम सामने आया था।

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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन में बड़ी कार्रवाई।

Noida Violence: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक धरना/प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ गतिविधियों और हिंसा के मामले में मास्टरमाइंड आदित्य आनन्द को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, वह इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड था और उस पर ₹1 लाख का इनाम घोषित किया गया था। इस हिंसा के बाद से ही वह फरार चल रहा था। जिसके बाद आज आदित्य आनन्द को तमिलनाडु राज्य के तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण में की गई। जांच में सामने आया कि श्रमिक धरना और प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं में आदित्य आनंद की केंद्रीय भूमिका थी। उसे पूरे घटनाक्रम का मुख्य साजिशकर्ता माना गया है, जिसने योजनाबद्ध तरीके से लोगों को भड़काने और भीड़ को हिंसक बनाने का काम किया।

आदित्य ने की है बीटेक की पढ़ाई की

पुलिस की जांच के अनुसार, आदित्य आनंद ने National Institute of Technology Jamshedpur से बीटेक की पढ़ाई की है और वह आंदोलन के दौरान लगातार नोएडा में मौजूद था। उसने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए QR कोड के जरिए कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए, जिनमें बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को जोड़ा गया। इन ग्रुप्स के माध्यम से कथित रूप से भड़काऊ संदेश, ऑडियो और वीडियो साझा किए गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हुआ और हिंसा भड़की।

घटना के बाद से ही आरोपी फरार हो गया था। उसके खिलाफ थाना फेस-2 में मामला दर्ज किया गया और गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट से गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी कराया गया। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग राज्यों में उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं। आखिरकार पुलिस को बड़ी सफलता तब मिली जब 18 अप्रैल 2026 को आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

पाकिस्तानी कनेक्शन की जांच में जुटी एटीएस

वहीं, इस मामले की प्रारंभिक जांच में इस पूरे घटनाक्रम के पीछे संदिग्ध विदेशी कनेक्शन, विशेष रूप से पाकिस्तानी लिंक सामने आने के बाद अब मामले की जांच एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) भी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ संदिग्ध अकाउंट्स की लोकेशन और गतिविधियां देश के बाहर से संचालित होने के संकेत दे रही हैं, जिनका संबंध पाकिस्तान से होने की आशंका जताई जा रही है। इन अकाउंट्स के जरिए अफवाहें फैलाने, गलत जानकारी देने और लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का प्रयास किया गया। एटीएस डिजिटल फॉरेंसिक टीम की मदद से इन अकाउंट्स के डेटा, आईपी एड्रेस और नेटवर्क कनेक्शन की जांच कर रही है।

होंगे बड़े खुलासे

साथ ही, यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इन अकाउंट्स का किसी आतंकी संगठन या संगठित नेटवर्क से कोई संबंध है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जो भी व्यक्ति या समूह इस हिंसा में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

हिंसक हो गया था श्रमिकों का प्रदर्शन

बता दें कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया था, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। इस दौरान कई स्थानों पर तोड़फोड़, वाहनों में आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई थीं।

पुलिस और प्रशासन को हालात काबू में करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित तरीके से भड़काया गया। खासतौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को उकसाने और माहौल बिगाड़ने की साजिश रची गई। एटीएस अब उन सभी सोशल मीडिया और ट्विटर अकाउंट्स की गहन जांच कर रही है, जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ पोस्ट, वीडियो या मैसेज शेयर किए थे।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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