New Delhi: अक्सर आप मोदी (Narendra Modi) के विरोधियों को ये कहते हुए सुनते होंगे कि ये तो सूट बूट की सरकार है। जो कुछ उद्योगपतियों के लिए काम करती है। ये लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी कोसते हैं और उन उद्योगपतियों (Industrialist) को भी इस तरह से पेश करते हैं जैसे वो कोई अपराध कर रहे हैं और जैसे वो देश के लोगों के दुश्मन हों। लेकिन आज मैं आपको बताएंगे कि जिन्हें ये सूट बूट वाले कहते हैं, जिन्हें ये मोदी के दोस्त बताते हैं, वही कैसे आपकी नौकरी (Jobs) बचा रहे हैं और नौकरियां दे रहे हैं। कैसे दुनिया भर में जब लाखों लोगों की नौकरियां (Layoffs) जा रही हैं तो भारत इसकी चपेट से फिलहाल बहुत दूर है और भारत बड़े पैमाने पर नौकरियां बचाने में कामयाब हो रहा है। भारत (India) में उस लेवल पर नौकरियां नहीं जा रही है, जैसा कि अमेरिका (USA) या दूसरे देशों में हो रहा है।
इन दिग्गज कंपनियों ने की छंटनी
दुनिया की हालत ये है कि बड़ी-बड़ी Multinational Companies से लोगों को निकाला जा रहा है। हायरिंग (Hiring) को फ्रीज कर दिया गया है एक अनुमान के मुताबिक दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों ने इस साल अब तक 1 लाख 5 हजार लोगों को नौकरी से निकाल दिया है। जानिए किन कंपनियों ने कितने लोगों को नौकरी से निकला-
- META - 11 हजार कर्मचारी जो कुल स्टॉफ का 13 % है।
Twitter - 75 % कर्मचारियों को निकाल दिया है- भारत में Twitter ने अपने 200 स्टाफ में से करीब 180 लोगों को नौकरी से निकाल दिया
- Snapchat - 1 हजार से ज्यादा कर्मचारी निकाले
- Microsoft - पिछले महीने ही एक हजार लोगों को निकाला
- Netflix- इस साल 500 स्टाफ को निकाला
- Intel - करीब 20% छटनी की आशंका
- कार कंपनी Ford Motor ने इसी साल 3 हजार लोगों को नौकरी से निकाल दिया।
- अमेरिका की Retail gaint Walmart ने इसी साल 200 कर्मचारियों को निकाल दिया
- अमेरिका का मल्टीनेशनल बैंक है Citigroup, उसने इसी हफ्ते 50 लोगों को निकाला है
- British multinational बैंक है Barclays, उसने भी इसी हफ्ते 200 स्टाफ को नौकरी से निकाला है
- दुनिया की बड़ी वित्तीय सेवा देने वाली Morgan Stanley ने भी छंटनी के संकेत दिए हैं
अमेरिका की नामी कंपनियों ने नौकरी से निकाला
इसके अलावा कई और बड़ी कंपनियां हैं जो छंटनी कर रही हैं। जैसे-Stripe - अमेरिका की बड़ी फाइनेंशियल सर्विस देने वाली कंपनी है। अमेजन, उबर, जूम जैसे कंपनियां इसकी कस्टमर है। Stripe के मैनेजमेंट ने 8000 स्टाफ को नौकरी से निकालने का ऐलान किया है। Seagate अमेरिका की डेटा storage company है, 40 हजार कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी ने 3 हजार स्टाफ को निकालने का ऐलान किया है। Ecommerce कंपनी Shopify ने जुलाई में एक हजार स्टाफ को नौकरी से निकाल दिया था। अमेरिका की Ride sharing service देने वाली Lyft कंपनी ने 683 कर्मचारियों की छटनी कर दी।cryptocurrency exchange platform है Coinbase, जुलाई में कंपनी ने एक हजार लोगों को नौकरी से निकाल दिया था । आज 60 और लोगों को निकालने का ऐलान किया है। अमेरिका की ऑनलाइन real estate कंपनी Opendoor, इसने अपने कुल 18% यानी 550 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। अमेरिका की सॉफ्टवेयर कंपनी है Salesforce, कंपनी ने इसी हफ्ते कुछ स्टाफ को नौकरी से निकाला है, कंपनी ने नंबर तो नहीं बताए लेकिन माना जा रहा है 2500 लोगों की नौकरी चले गई है या जाने वाली है।
इसके अलावा ऐसी बड़ी कंपनियां हैं जिन्होंने अभी छंटनी शुरू तो नहीं है लेकिन हायरिंग रोक दी है उनमें अमेजन, एप्पल और Qualcomm शामिल हैं।मल्टीनेशनल कंपनियों में बड़े लेवल पर छंटनी इसलिए हो रही है क्योंकि उनकी कमाई घट गई है, लॉस बढ़ गया है। इसी साल जनवरी से जून के बीच 30 टॉप टेक कंपनियों ने 347 लाख करोड़ रुपये गंवा दिए हैं। इन 30 कंपनियों का पूरे बाजार में बहुत बड़ा शेयर है। अनुमान है टेक मार्केट का ग्लोबल लेवल पर ऑवरऑल नुकसान 484 लाख करोड़ है। ये बड़ी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां जिस तरह से अपने कर्मचारियों को निकाल रही हैं।
भारत में जुदा हैं हालात
लेकिन अब भारत के बारे में आपको बताते हैं, भारतीय कंपनियों की स्थिति ये है कि साल 2022 में भारत की 4 बड़ी टेक कंपनियों ने 1 लाख से ज्यादा फ्रेशर्स को नौकरी दी है। Infosys, Wipro, TCS, and HCL ने इस साल 1 लाख 5 हजार फ्रेशर्स को हायर किया है। इसके अलावा पिछले साल भारत की 6 बड़ी IT कंपनियों ने 2 लाख 60 हजार लोगों को हायर किया था। Capgemini ने पिछले एक साल में भारत में 35 हजार लोगों को हायर किया। रिलायंस इंडस्ट्री 2021-22 में कुल 2,32,822 नई नौकरियां दी। इस साल के 6 महीने में 1.4 लाख लोगों को नौकरी दी।
अकेले अडाणी ग्रुप देगा लाखों नौकरियां
इसी तरह आपको अडानी ग्रुप में नई नौकरियों के बारे में बताते हैं-- यूपी में 70 हजार करोड़ निवेश किया जिससे 30 हजार नई नौकरियां मिलेंगी।
- राजस्थान में 65 हजार करोड़ का निवेश किया है जिसमें 40 हजार नई नौकरियां मिलेंगी।
- ओडिशा में 57,575 करोड़ का निवेश 10 हजार नई नौकरियां मिलेंगी।
- आंध्र प्रदेश में 70 हजार करोड़ का निवेश, 1 लाख नई नौकरियों का मौका
- महाराष्ट्र में 60 हजार करोड़ का निवेश, 30 हजार नई नौकरी का मौका
भारत है ब्राइट स्पॉट
यहां आपको ये भी बता दूं कि कैसे गौतम अडानी श्रीलंका में चीन को चुनौती दे रहे हैं। श्रीलंका का पूनरिन इलाका है जो भारत के दक्षिण छोर के काफी दूर है। यही पर गौतम अडानी रिन्युबिल पावर प्लांट्स विकसित कर रहे हैं। इसी वजह से गौतम अडानी एक अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक संघर्ष के केंद्र में आ गए हैं। अडानी ग्रुप भारी निवेश से चीन की कंपनियों को टक्कर दे रहे हैं। एक सर्वे के मुताबिक भारत में 59% कंपनियां नई नौकरियां देने के लिए तैयार हैं। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में हायरिंग जनवरी 2020 के बाद सबसे तेज गति से हो रही है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में 57 % कंपनियां नई हायरिंग का प्लान बना चुकी हैं। भारत में नौकरियां इसलिए बच रही हैं। और अमेरिका और दूसरे देशों की तरह बड़े पैमाने पर नहीं जा रही है क्योंकि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे मजबूत मानी जा रही है। अभी हाल में IMF ने भारत को दुनिया का Bright Spot कहा था।
आपको बताते हैं कि कैसे अमेरिका की हालत खराब है। कैसे वहां की बड़ी बड़ी कंपनियां छंटनी करने पर मजबूर हैं। वहां अर्थव्यवस्था खस्ताहाल है, महंगाई से बुरा हाल है। इसके बावजूद अमेरिका को खुद की नहीं, बल्कि यूक्रेन में युद्ध की चिंता है।
