Petrol Diesel Price Hike: पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होना है। इस बीच चर्चा गर्म है कि चुनाव के बाद सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा सकती है। इसपर सरकार का जवाब आया है। एक सीनियर ऑफिसर ने मंगलवार को कहा कि सरकार की पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में मतदान समाप्त होने के बाद कीमतों में बढ़ोतरी की अटकलों को खारिज किया।
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में रिकॉर्ड चौथे साल भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण पिछले दो महीनों में कच्चा तेल 50 प्रतिशत से अधिक महंगा हो गया है।
वहीं इसे लेकर राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा- चुनावी राहत खत्म, महंगाई की गर्मी तैयार...
सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है
लागत और बिक्री मूल्य के बीच बढ़ते अंतर के कारण सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है। कुछ अनुमानों के अनुसार यह दैनिक नुकसान लगभग 2,400 करोड़ रुपये है।इसी कारण अटकलें लगाई जा रही थीं कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव बुधवार को संपन्न होने के बाद कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी हो सकती है।
'पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं'
पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों के प्रभाव पर एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, 'पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।' उनसे पूछा गया था कि कि क्या बुधवार को पश्चिम बंगाल में मतदान संपन्न होने के बाद ईंधन की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी।
'सभी खुदरा बिक्री केंद्रों की निगरानी की जा रही है'
उन्होंने कीमतों में तत्काल वृद्धि की उन अटकलों को खारिज कर दिया, जिनकी वजह से आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के कुछ हिस्सों में ईंधन खरीदने की होड़ मच गई थी। शर्मा ने कहा, 'हमने कुछ जगहों पर घबराहट में खरीदारी (Petrol Diesel Panic Buying) देखी है। हम इन सभी जगहों पर राज्य सरकारों के संपर्क में हैं। सभी खुदरा बिक्री केंद्रों की निगरानी की जा रही है और जहां अधिक खरीदारी हो रही है, वहां आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।'
