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AI क्रांति के लिए भारत तैयार... क्या है India AI Impact Summit, जहां जुटेंगे टेक जगत के दिग्गज? कितना खास है ये समिट

AI Impact Summit: दिल्ली के भारत मंडपम में आज से 20 फरवरी तक इंडिया AI इंपैक्ट एक्सपो 2026 का आगाज होने जा रहा है। यह आयोजन “पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस” के तीन प्रमुख सूत्रों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य एआई को आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास से जोड़ना है। समिट में एआई कौशल विकास, सामाजिक भागीदारी, सुरक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, टिकाऊ कंप्यूटिंग, समान पहुंच और आर्थिक उन्नति जैसे सात अहम विषयों पर चर्चा होगी।

भारत दिखाएगा AI का दम !

इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का आयोजन आज से किया जाएगा।

Photo : AP
KEY HIGHLIGHTS
  • एक्‍सपो में 300 से अधिक एग्जीबिशन पवेलियन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन होंगे।
  • समिट और एक्स्पो में 2.5 लाख से अधिक विजिटर्स के आने की उम्मीद है।
  • भारत बन सकता है AI रेस का लीडर: सैम ऑल्टमैन

AI Impact Summit: इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में सोमवार (आज) को शाम पांच बजे इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसे तीन प्रमुख आधारों, पीपल, प्लैनेट, और प्रोग्रेस पर तैयार किया गया है। समिट में एआई (AI) का उपयोग आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने, पर्यावरण की रक्षा करने, और देश की आर्थिक उन्नति को गति देने के लिए कैसे किया जाए, इस पर विस्तार से विचार होगा।

बता दें कि इस समिट में सात मुख्य क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इनमें एआई कौशल विकास, सामाजिक भागीदारी, एआई सुरक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, टिकाऊ कंप्यूटिंग, एआई तक सबकी पहुंच और आर्थिक विकास शामिल हैं। एआई से जुड़े विशेषज्ञ इस बात पर मंथन करेंगे कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सुरक्षित, जिम्मेदार और पारदर्शी तरीके से कैसे आगे बढ़ाया जाए।

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भारत में चार दिवसीय एआई इम्पैक्ट एक्सपो का आयोजन होने जा रहा।

AI इंपैक्ट समिट के 3 सूत्र

पीपल (People)

एआई हर इंसान की मदद के लिए, चाहे वो गांव का किसान हो या शहर का स्टूडेंट हो। इस सूत्र का मकसद है कि आम से खास तक एआई की पहुंच हो, ताकि कोई पीछे न छूटे। भारत जैसे देश में जहां करोड़ों लोग अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं, ये सूत्र एआई को लोकल बनाने पर फोकस करता है।

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एआई की मदद से किसानों को खेती की जानकारी लेते हैं।

प्रोग्रेस (Progress)

यह सूत्र एआई के फायदों को सबके साथ बांटने पर जोर देता है, ताकि वैश्विक विकास हो। यह कहता है कि एआई से समृद्धि सब तक पहुंचे।गवर्नमेंटट सर्विसेज, सर्विसडिलीवरी, और, मोबिलिटी यानी आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी आसान बनाए। यह सूत्र एआई को आर्थिक ग्रोथ काइंजन बनाता है, जहां गांव-गांव सबका विकास हो।

प्लेनेट (Planet)

यह सूत्र कहता है कि एआई इनोवेशन को पर्यावरण की देखभाल और सस्टेनेबिलिटी से जोड़ा जाए। जैसे, खेती में एआई मौसम बताता है, ड्रोन से फसल की निगरानी करता है, ताकि पानी और खाद बर्बाद न हो। स्मार्ट सिटी में ट्रैफिक कंट्रोल करता है, कचरा मैनेज करताहै, और। डेटा सेंटरों से निकलने वाली गर्मी को कंट्रोल करने के तरीके सुझाता है।

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भारत के विकास में एआई निभा रहा अहम भूमिका।

कितना खास है समिट?

समिट और एक्स्पो में 2.5 लाख से अधिक विजिटर्स के आने की उम्मीद है। 100 से ज्यादा देशों केडेलिगेशन और, 20 देशों के शीर्ष प्रतिनिधि इस एक्सपो में शिरकत करेंगे। वहीं, सुंदरपिचाई और, सैम ऑल्टमैन जैसे दुनिया भर के 50 दिग्गज कंपनियों के 'मुख्य कार्यकारी अधिकारी,'' सैकड़ोंस्टार्टअप्स, और हजारों विशेषज्ञ भी इसमें हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, समिट में शिरकत करने के लिए फ्रांस के राष्‍ट्रप‍त‍ि इमैनुएल मैक्रों भारत आ रहे हैं। ब्राजील के प्रेसिडेंट लूला डा सिल्वा के साथ 45 से ज्‍यादा देशों के मिनिस्टीरियल डेलीगेशन भी समिट का हिस्‍सा बनेंगे।

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सैम ऑल्टमैन और सुंदरपिचाई की फाइल फोटो।

भारत बन सकता है AI रेस का लीडर: सैम ऑल्टमैन

ओपनएआई के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) ने कहा है कि भारत में पूर्ण रूप से एआई लीडर बनने की सभी आवश्यक क्षमताएं मौजूद हैं। ऑल्टमैन ने देश की प्रौद्योगिकी प्रतिभा, राष्ट्रीय रणनीति और एआई की संभावनाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को इसकी बड़ी ताकत बताया।

उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए लिखा कि भारत घरेलू प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता और सरकार की नीतिगत पहल के जरिये एआई को बड़े पैमाने पर लागू करने में आगे है।

उन्होंने भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन का उदाहरण देते हुए कहा कि यह मिशन कंप्यूट क्षमता बढ़ाने, स्टार्टअप का समर्थन करने और स्वास्थ्य, कृषि और सार्वजनिक सेवाओं में बहुभाषी एआई एप्लीकेशन्स को तेजी से लागू करने के लिए बनाया गया है, ताकि एआई करोड़ों लोगों के लिए एक जरूरी माध्यम बन सके।

एआई का सही उपयोग और पहुंच समान होना चाहिए- सैम ऑल्टमैन

सैम ऑल्टमैन ने कहा, "एआई के लाभ बढ़ाने के लिए पहुंच, उपयोग और क्षमता तीनों पर ध्यान देना जरूरी है। पहुंच का मतलब है कि लोग और संस्थान एआई का पूरी तरह लाभ उठा सकें। उपयोग का मतलब है कि एआई को स्कूलों, कार्यस्थलों और सार्वजनिक सेवाओं में प्रभावी रूप से लागू कियाजाए,ए और क्षमता का मतलब है कि लोगों को एआई का सही उपयोग करने की योग्यता और आत्मविश्वास दिया जाए, जिससे वे तेजी से सीखसकें।"। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एआई तक पहुंच और उसका उपयोग असमान होगा, तो इसके लाभ भी असमान रहेंगे। अगर इसे सही तरीके से नहीं संभाला गया तो उत्पादकता और आर्थिक लाभ केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित रह सकते हैं।

13 देशों की भागीदारी और 300 से अधिक एग्जीबिशन पवेलयनबता दें कि ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ में 13 देश हिस्‍सा ले रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इसमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका समेत 13 देशों के पवेलियन होंगे। यह AI इकोसिस्टम में भारत के साथ अंतरराष्‍ट्रीय साझेदारी को दिखाएंगे।

एक्‍सपो में 300 से अधिक एग्जीबिशन पवेलियन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन होंगे। इन्‍हें पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस की थीम पर बनाया गया है। इसके अलावा, 600 से अधिक हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप इस एक्‍सपो में शामिल हो रहे हैं।

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Piyush Kumar
Piyush Kumar author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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