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Ahmedabad Plane Crash: एयर इंडिया प्लेन क्रैश की जांच के लिए AAIB का क्या है प्लान? स्टाफ से लेकर मेंटेनेंस तक पर नजर

Ahmedabad Plane Crash: एयर इंडिया के AI-171 विमान के क्रैश होने के कारणों का पता लगाने में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो (AAIB) जुटी है। इस दौरान चश्मदीद गवाहों से बयान लिए जा रहे है, प्लेन की सारी जानकारी जुटाई जा रही है।

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एयर इंडिया प्लेन क्रैश की जांच शुरू

Photo : AP

Ahmedabad Plane Crash: एयर इंडिया प्लेन क्रैश की जांच AAIB ने शुरू कर दी है। इस क्रैश की जांच के दौरान छोटी सी छोटी बात पर जांचकर्ताओं की नजर है। सूत्रों के मुताबिक, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो (AAIB) का जांच पैनल चश्मदीद गवाहों के बयान के अलावा AI-171 एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस लॉग्स, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की रिकॉर्डिंग्स, ब्लैक बॉक्स डेटा की जांच शुरू कर दी है।

AAIB की रडार पर कई चीजें

जांच में यह पहलू भी खंगाला जा रहा है कि हादसे से पहले एयरपोर्ट पर मेंटेनेंस और इंजीनियरिंग विभागों में कुछ कर्मचारियों का क्या हाल ही में तबादला हुआ था? सूत्रों के अनुसार, यह जांच की मुख्य कड़ी बन सकती है, क्योंकि अचानक स्टाफ चेंज और अनुभवहीनता के चलते संभावित लापरवाही और किसी गलत मंशा की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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क्रैश साइट का निरीक्षण करती टीम

हर छोटी-बड़ी बदलाव की जांच

जांच एजेंसी एयर इंडिया और AI-171 विमान से जुड़े सभी स्टाफ लॉग्स, हाइड्रॉलिक मेंटेनेंस रिकॉर्ड्स, और टारमैक एरिया के CCTV फुटेज की भी फॉरेंसिक तफ्तीश कर रही है। एयर इंडिया के एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस और इंजीनियरिंग टीमों की एसओपी, इंस्पेक्शन टाइम, इंस्पेक्शन फ्रीक्वेंसी और प्रोसेस की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के लिए बनाई गई टीमें अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहीं हैं कि बैकअप सिस्टम की विफलता किसी तकनीकी खामी का नतीजा थी या मेंटेनेंस से जुड़ी मानवीय चूक। अगर लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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उड़ान भरते की क्रैश हो गया था प्लेन

पेरिस की उड़ान थी सफल

सूत्र बताते हैं कि यह वही एयरक्राफ्ट था जिसने कुछ घंटे पहले ही पेरिस से दिल्ली तक की उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की थी। उड़ान भरने से पहले दोपहर 1 बजे तक किसी भी तरह की तकनीकी खराबी की सूचना दर्ज नहीं की गई थी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अहमदाबाद में टेक ऑफ के बाद दोनों हाइड्रॉलिक सिस्टम और ग्रेविटी बैकअप सिस्टम एक साथ कैसे फेल हो गए?

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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