देश

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में क्या हुआ था, खून से लाल क्यों हुई थी बैसरन घाटी? फिर भारत ने कैसे दिया PAK को जवाब

इस हमले के बाद पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाने की मांग देश भर में उठी। पूरा भारत आक्रोशित हो उठा और बदले की भावना में जलने लगा। सीमा पार से हुए इस आतंकवादी घटना ने सरकार को पाकिस्तान में चल रहे आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त एवं नेस्तनाबूद करने का मौका दिया। भारत सरकार ने भी ठान लिया कि इस हमले के पीछे जो गुनहगार हैं उन्हें सजा देनी होगी।

Image

6-7 मई की आधी रात IAF ने आतंकी ठिकानों पर शुरू किए हमले।

Pahalgam terror attack : 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर की बैसरन घाटी खून से लाल हो गई। यहां परिवार के साथ छुट्टियां मनाने आए 26 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने लोगों से उनका धर्म पूछकर उनका नरसंहार किया। भारत में यह अलग तरह की और पहली आतंकवादी घटना थी जहां आतंकवादियों ने धर्म पूछकर लोगों को निर्मम हत्या की। मारे गए लोगों में ज्यादातर हिंदू पर्यटक थे, एक नेपाली नागरिक की भी मौत हुई। इस जघन्य एवं क्रूर आतंकवादी घटना ने भारत सहित पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया। आतंकवाद का इतना क्रूर चेहरा शायद ही दुनिया ने पहले कभी देखा था। इस हमले के पीछे पाकिस्तान था, वहीं इस हमले की साजिश रची गई और भाड़े के आतंकवादियों के जरिए उसने इस कायराना हमले को अंजाम दिया। धर्म पूछकर लोगों की हत्या करने के पीछे पाकिस्तान का मकसद भारत में सांप्रदायिक हिंसा शुरू करना और समाज को तोड़ना था लेकिन उसके नापाक इरादे सफल नहीं हुए।

26 लोगों की हत्या के बाद बदले की आग में जलने लगा भारत

इस हमले के बाद पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाने की मांग देश भर में उठी। पूरा भारत आक्रोशित हो उठा और बदले की भावना में जलने लगा। सीमा पार से हुए इस आतंकवादी घटना ने सरकार को पाकिस्तान में चल रहे आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त एवं नेस्तनाबूद करने का मौका दिया। भारत सरकार ने भी ठान लिया कि इस हमले के पीछे जो गुनहगार हैं उन्हें सजा देनी होगी। इस आतंकवादी हमले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर कैबिनेट की बैठक हुई और पाकिस्तान को सबक सिखाने का फैसला हुआ। सरकार ने पाकिस्तान को हर मोर्चे आर्थिक, कूटनीति और सैन्य तरीके से अलग-थलग करने और उसे चोट पहुंचाने की रणनीति पर आगे बढ़ी। सबसे पहले उसने सिंधु नदी जल समझौते को रद्द कर दिया। उस पर सबसे पहले पानी से 'प्रहार' हुआ।

PAK के खिलाफ सरकार के कूटनीतिक कदम

  • सिंधु जल संधि 1960 को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाएगा
  • अटारी स्थित एकीकृत चेक पोस्ट (ICP) तत्काल प्रभाव से बंद
  • पाकिस्तानी नागरिकों को भारत यात्रा की अनुमति नहीं
  • PAK उच्चायोग में रक्षा/सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकार ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित
  • उच्चायोगों की कुल संख्या को मौजूदा 55 से घटाकर 30 किया गया
Pahalgam terror attack

Pahalgam terror attack

6-7 मई की दरम्यानी रात 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च

पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार ने तय कर लिया कि इसके पीछे जो लोग और आतंकवादी संगठन हैं, उन्हें सजा दी जाएगी। भारत सरकार का इरादा बिल्कुल स्पष्ट था कि जवाबी कार्रवाई सिर्फ पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों, भर्ती केंद्रों और आतंकवादियों के खिलाफ होगी। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के सैन्य, नागरिक प्रतिष्ठानों और लोगों को निशाना नहीं बनाया जाएगा। सरकार की रणनीति एवं योजना के अनुरूप भारतीय वायु सेना (IAF) आगे बढ़ी और उसने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाने बनाते हुए उन पर हमले किए।

'मरकज सुभान अल्लाह', 'मरकज तैयबा' को मिट्टी में मिला दिया

IAF ने मुख्य रूप से लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी अड्डों को निशाना बनाया। पीओके स्थित मुजफ्फराबाद, कोटली, बहावलपुर (पंजाब, पाकिस्तान), और सियालकोट के पास स्थित आतंकवादी ठिकानों पर हमले हुए। बहावलपुर स्थित जैश ए मोहम्मद के मुख्यालय 'मरकज सुभान अल्लाह' और मुरीदके में लश्कर के ट्रेनिंग सेंटर 'मरकज तैयबा' को हमले में नष्ट किया गया। इन हमलों में बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए। 'मरकज सुभान अल्लाह' पर हुए हमले में आतंकी सरगना मसूद अजहर के परिवार के कई लोग मारे गए। भारत की इस कार्रवाई के बाद पूरे पाकिस्तान में खौफ फैल गया। भारत सरकार ने अगले दिन यानी 7 मई को साफ कर दिया कि उसने पहलगाम हमले के गुनहगारों एवं आतंकवादियों को सजा देने के लिए सैन्य कार्रवाई की। यह ऑपरेशन पाकिस्तान, पाकिस्तान की सरकार और उसकी सेना के खिलाफ नहीं था लेकिन इस सैन्य कार्रवाई को पाकिस्तान ने अपने ऊपर हमला मान लिया।

opeartaion sindoor

opeartaion sindoor

जवाब देने के काबिल नहीं रही PAK सेना

फिर पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर से लेकर पंजाब तक भारतीय सैन्य एवं नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर ड्रोन एवं मिसाइलों से हमले शुरू किए। चर्चों, गुरुद्वारों एवं जम्मू-कश्मीर में लोगों को निशाना बनाकर हमले किए। इन हमलों को देखते हुए भारत ने जवाबी शुरू की और पाकिस्तान के 11 एयरबेस को तहस-नहश कर दिया। भारतीय वायु सेना के हमलों में पाकिस्तान वायु सेना का भारी नुकसान हुआ। उसके फाइटर प्लेन, अवॉक्स सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम क्षतिग्रस्त हुए। पाकिस्तानी वायु सेना जवाब देने के काबिल नहीं रही। भारत ने एक तरह से पाकिस्तान को पंगु बना दिया। यहां तक कि पाकिस्तान के सबसे हाईटेक नूरखान एयरबेस, जहां से सरकार एवं सेना की वीआईपी उड़ानें होती हैं, वहां ब्रह्मोस मिसाइल से हमला कर उसे गड्ढे में तब्दील कर दिया। इसी हमले के दौरान किराना हिल्स, पाकिस्तान जहां अपना परमाणु हथियार रखता है, रिसाव होने की खबर आई। अपुष्ट रिपोर्टों में यहां भारतीय हमले का दावा किया गया लेकिन IAF ने कभी इसकी पुष्टि नहीं की।

पाकिस्तान के गिड़िगिड़ाने पर 10 मई को हुआ सीजफायर

चार दिनों के इस संघर्ष में पाकिस्तान की हालत खराब हो गई। वह एक दिन भी इस लड़ाई को आगे जारी रखने के काबिल नहीं था। उसके हाथ-पांव फूल गए। वह किसी तरह से भारतीय हमलों से छुटकारा पाने के लिए गिड़गिड़ाने लगा। 10 मई को पाकिस्तान को डीजीएमओ ने अपने भारतीय समकक्ष को फोन कर हमले रोकने की अपील की। पाकिस्तान के अनुरोध को स्वीकार करते हुए भारत सीजफायर के लिए राजी हुआ। हालांकि, भारत सरकार ने पाकिस्तान और दुनिया को स्पष्ट कर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है और वह आज भी जारी है। पाकिस्तान और उसके आतंकवाद के खिलाफ भारत का 'ऑपरेशन सिंदूर' दुनिया के सामने आत्मरक्षा का स्पष्ट सैन्य इरादे का स्पष्ट, तार्किक और सफल मिसाल है। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना, उसकी काबिलियत और उसके हथियारों का लोहा दुनिया मान गई। भारत ने पाकिस्तान की न्यूक्लियर धमकी को पोल खोलते हुए उसकी औकात बता दी।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।

Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

End of Article