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Operation Sindoor: कहानी 7 मई 2025 की उस मॉक ड्रिल की, जो कभी हुई ही नहीं

Operation Sindoor की कहानी सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि रणनीति, धैर्य और बदले की मिसाल है। पूरा देश 7 मई 2025 को मॉक ड्रिल की तैयारी में था और सेना ने देर रात पाकिस्तान में आतंकियों पर जबरदस्त प्रहार कर दिया।

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तैयारी मॉक ड्रिल की और आतंकियों पर कहर बनकर टूटा ऑपरेशन सिंदूर
Authored by: Digpal Singh
Updated May 7, 2026, 07:12 IST
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Operation Sindoor: जब भी बात Operation Sindoor की होती है तो हमें याद रखना चाहिए कि इसकी नींव 22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने रखी थी। जब आतंकवादियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में छुट्टियां मना रहे पर्यटकों से उनका नाम और धर्म पूछकर गोली मारी। आतंकवादियों ने एक-एक कर 26 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। आतंकवादियों ने एक प्लान के तहत पुरुषों को गोली मारी और महिलाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। महिलाओं की मांग का सिंदूर उजाड़कर आंतकवादियों ने देश और देश की सरकार को चुनौती दी। जिसका जवाब भारत ने आतंकवादियों और उनके आकाओं के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर दिया। उनके ठिकानों को नेस्तनाबूत करके देश की बेटियों के मांग के सिंदूर की कीमत वसूली। देशभर में सिविल डिफेंस और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसी दौरान 5 मई 2025 को सर्कुलर जारी किया गया कि 7 मई को देशभर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। आतंकवादियों और उनके आकाओं से देश की बेटियों के सिंदूर की कीमत वसूलने की मांग लगातार उठ रही थी। किसी को भी अंदाजा नहीं था कि सरकार क्या करने जा रही है। देश के आम नागरिकों की ही तरह दुनिया को यही लग रहा था कि 7 मई को भारत में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल (Civil Defence Mock Drill) होगी। यहीं आतंकवादी और उनका आका पाकिस्तान भी गच्चा खा गया। चलिए जानते हैं पूरी कहानी -

हौसला-ईंधन-बदला की कहानी

हाल में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म धुरंधर द रिवेंज में आपने 'हौसला-ईंधन-बदला' डायलॉग सुना होगा। हौसले की कमी तो भारतीय सेनाओं में कभी थी नहीं। ईंधन भारत की उन बेटियों के आंसुओं से मिला, जिनके माथे का सिंदूर आतंकवादियों ने उनके सामने ही उजाड़ा था। अब बारी सिर्फ बदला लेने की थी और इसके लिए सही समय का इंतजार था। वह समय भी आया और बदला ऐसा लिया गया कि आज एक साल बाद भी न तो आतंकवादी और न उनका आका पाकिस्तान सीधे खड़े हो पाए हैं। ऊपर से पाकिस्तान का असली चेहरा भी भारत ने दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया।

सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल की योजना

सोमवार 5 मई 2025 को गृह मंत्रालय ने कई राज्यों को 7 मई को सिविल डिफेंस को मजबूती देने के लिए होने वाली देशव्यापी मॉक ड्रिल के लिए तैयार रहें। बताया गया कि यह ड्रिल आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों के लिए की जा रही है। हर राज्य को उन इलाकों की लिस्ट भी भेज दी गई, जहां पर यह ड्रिल आयोजित की जानी थी। आधिकारिक सर्कुलर में राज्यों को कहा गया कि वह लोगों को आपात स्थिति से सुरक्षित बाहर निकालने की रिहर्सल करें। अचानक होने वाले ब्लैकआउट की तैयारी करें और तेजी से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को बचाने और छिपाने से जुड़ी तैयारी करें।

गृह मंत्रालय ने जारी किया मॉक ड्रिल का सर्कुलर

गृह मंत्रालय ने जारी किया मॉक ड्रिल का सर्कुलर

केंद्रीय गृह मंत्रालय से आए इस सर्कुल को हर कोई उस तैयारी के रूप में देख रहा था, जो आने वाले समय में पाकिस्तान के साथ युद्ध में हो सकती है। पहलगाम के आतंकी हमले के बाद आतंकवादियों और पाकिस्तान को दंडित करने की कार्रवाई की उम्मीद हर कोई सरकार और सेनाओं से कर रहा था। लेकिन मॉकड्रिल के सर्कुलर को सिर्फ तैयारी के तौर पर ही देखा जा रहा था। किसी को भी ये अंदाजा नहीं था कि असल में होने वाला क्या है।

मॉक ड्रिल के दौरान क्या-क्या होना था?

गृह मंत्रालय से मिले सर्कुल के अनुसार 7 मई को कई तरह की एक्टिविटीज होनी थीं। इसके लिए अखबारों, टीवी और डिजिटल साइट्स पर प्लान बताए जाने लगे। कहा जा रहा था कि इस दौरान एयर रेड साइरन बजेंगे, उनको टेस्ट किया जाएगा और लोगों को असली आपात स्थिति के लिए तैयार किया जाएगा। एयरफोर्स के साथ कम्युनिकेशन को चेक किया जाएगा। कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। आम लोगों को भी बेसिक सिविल डिफेंस तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। अचानक कुछ इलाकों की लाइट बंद कर दी जाएगी, जो कि आपात स्थिति में अक्सर होता है। महत्वपूर्ण बिल्डिंगों को बचाने के उपाय किए जाएंगे। लोगों को आपात स्थिति से निकालने की रिहर्सल की जाएगी।

मॉक ड्रिल में क्या-क्या होना था?

मॉक ड्रिल में क्या-क्या होना था?

उस दिन ड्रिल नहीं, आतंकवादियों की कब्रें खुदीं

बुधवार 7 मई 2025 को देशभर में मॉक ड्रिल की तैयारी थी। मंगलवार 6 मई की रात सोने तक हर किसी को यही लग रहा था कि कल सुबह से ही मॉक ड्रिल शुरू हो जाएंगी। हर कोई यही तैयारी कर रहा था कि इस दौरान क्या-क्या और कैसे करना है। पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी और उनके आका निश्चिंत थे कि भारत ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा, जिससे उन्हें कोई नुकसान पहुंचे। वह भी रात होते ही चैन की नींद सोने चले गए। तब शायद उनके मन में यही बात चल रही होगी कि देखते हैं, हिंदुस्तान कल मॉक ड्रिल में हमारे अगले हमलों से बचने के लिए कैसी तैयारी करता है। लेकिन, यह रात उनके लिए कभी खत्म होने वाली नहीं थी। देश को मॉक ड्रिल की तैयारी में लगाकर और दुनिया सिविल डिफेंस ड्रिल दिखाकर भारत ने आधी रात के बाद आतंकवादियों पर आग बरसा दी।

रात के इस पहर में आतंकियों पर कहर बनकर टूटा भारत

भारतीय सेना ने देर रात यानी 7 मई को 1:05 से 1:30 बजे के बीच पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादियों के 9 ट्रेनिंग कैंप पर जोरदार हमला बोला। भारतीय थल सेना, नेवी और एयरफोर्स ने मिलकर रात के इस पहल में Operation Sindoor की शुरुआत कर दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने इस पहले ही हमले में मुरीदके और बहावलपुर जैसे आतंकी ट्रेनिंग कैंप पर हमला करके न सिर्फ 70 आतंकवादियों की कब्र खोद दी गई, बल्कि ट्रेनिंग सेंटर्स को भी बर्बाद कर दिया। भारत की तरफ से पाकिस्तान में किसी भी तरह की उकसावे की कार्रवाई नहीं की गई। भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान पर हमले की बजाय सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, बाद में पाकिस्तान ने आतंकियों के बचाव में आते हुए भारत पर जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की, जिसमें उसे मुंह की खानी पड़ी।

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