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ममता बनर्जी को तगड़ा झटका; TMC के कोषाध्यक्ष ने लिखा बैंक को पत्र, कहा ' तुरंत फ्रीज किए जाएं तृणमूल के बैंक अकाउंट'

Arup Biswas Letter HDFC Bank: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर बड़ी बगावत सामने आई है। पार्टी के कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने बैंक को पत्र लिखकर TMC के सभी बैंक अकाउंट फ्रीज करने और लेनदेन रोकने का अनुरोध किया।

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ममता बनर्जी को तगड़ा झटका; TMC के कोषाध्यक्ष ने लिखा बैंक को पत्र, कहा ' तुरंत फ्रीज किए जाएं तृणमूल के बैंक अकाउंट'

TMC Bank Accounts Freeze: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक संकट और सांगठनिक विद्रोह के दौर से गुजर रही है। एक बेहद चौंकाने वाले घटनाक्रम में, ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले टीएमसी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष (Treasurer) और बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने खुद अपनी ही पार्टी के बैंक अकाउंट्स को तुरंत फ्रीज करने के लिए बैंक को पत्र लिख दिया है। इस कदम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति के साथ-साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक नए और गहरे संकट में डाल दिया है।

संसदीय और विधायी विंग के बीच बड़ी फूट का खुलासा

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पार्टी के कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने HDFC बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा के मैनेजर को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने बैंक अधिकारियों को पार्टी के भीतर चल रही बेहद गंभीर उथल-पुथल और बगावत के बारे में व्यक्तिगत रूप से अवगत कराया है।

बिस्वास ने बैंक को साफ तौर पर लिखा है कि संगठन के भीतर इस समय भारी विद्रोह मचा हुआ है। कई सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है और भारी संख्या में विधायकों ने खुलेआम बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है। इस अप्रत्याशित स्थिति के बीच अब इस बात को लेकर कानूनी और सांगठनिक विवाद खड़ा हो गया है कि वास्तव में पार्टी और उसके संसाधनों पर किसका कानूनी अधिकार है। इसलिए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के नाम पर चल रहे खातों से जुड़े सभी लेनदेन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए।

दांव पर हैं करोड़ों रुपये: ऑडिट रिपोर्ट से हुआ वित्तीय ताकत का खुलासा

अरूप बिस्वास के इस एक पत्र ने टीएमसी के विशाल फंड के संचालन पर पूरी तरह से ताला लगा दिया है। तृणमूल कांग्रेस की हालिया ऑडिट रिपोर्ट के सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के बैंक खातों में एक बहुत बड़ी रकम जमा है, जिसका विवरण इस प्रकार है:

बैंक खातों में जमा कुल राशि: ₹6,25,79,87,264 (625 करोड़ 79 लाख 87 हजार 264 रुपये)

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD): विभिन्न बैंकों में ₹2,50,77,28,322 (250 करोड़ 77 लाख 28 हजार 322 रुपये) की एफडी मौजूद है।

बैंक में कुल जमा पूंजी: यदि बैंक बैलेंस और एफडी दोनों को मिला दिया जाए, तो टीएमसी का बैंकों में कुल ₹8,76,57,15,586 (876 करोड़ 57 लाख 15 हजार 586 रुपये) जमा है।

चेक के रूप में मौजूद राशि: ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, बैंक खातों के अलावा पार्टी के पास ₹50,00,00,000 (50 करोड़ रुपये) के चेक भी रिकॉर्ड में दर्ज हैं।

कैश होल्डिंग्स (नकद): पार्टी के केंद्रीय और क्षेत्रीय कार्यालयों में कुल मिलाकर ₹31,28,028 (31 लाख 28 हजार 28 रुपये) कैश के रूप में मौजूद हैं।

टीएमसी के भीतर अधिकारों की लड़ाई तेज

पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक और फंड्स की देखरेख करने वाले ट्रेजॉरर द्वारा उठाए गए इस कदम से साफ है कि टीएमसी के भीतर बगावत की जड़ें बेहद गहरी हो चुकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खातों के फ्रीज होने से पार्टी का दैनिक कामकाज और सांगठनिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो सकती हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर ममता बनर्जी या टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन कोलकाता के राजनीतिक गलियारों में इस चिट्ठी ने भूचाल ला दिया है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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