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बाबरी पर रार: 'नहीं छोडूंगा विधायकी, लोगों ने मुझे प्रतिनिधि चुना', अपने ही बयान से पलट गए हुमायूं कबीर

टीएमसी से निलंबित विधायक हुमांयू कबीर ने विधायक पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। इससे पहले टीएमसी से निलंबित किए जाने के बाद उन्होंने घोषणा की थी कि वह 22 दिसंबर को एक नयी राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। और उससे पहले 17 दिसंबर को वे विधानसभा से इस्तीफा दे देंगे।

हुमायूं कबीर ने विधायकी छोड़ने से किया इनकार।

हुमायूं कबीर ने विधायकी छोड़ने से किया इनकार। तस्वीर-Facebook

पश्चिम बंगाल की सियासत में इन दिनों टीएमसी के निलंबित विधायक हुमांयू कबीर की बाबरी मस्जिद को लेकर पारा चढ़ा हुआ है। इस बीच विधायक पद छोड़ने का एलान करने वाले हुमांयू कबीर सबको चौंकाते हुए अपने बयान से पलट गए हैं। मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद की आधारशिला रखने के दो दिन बाद उन्होंने कहा वह पश्चिम बंगाल विधानसभा से इस्तीफा नहीं देंगे।

मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर से विधायक कबीर ने संवाददाताओं से कहा कि अब मेरे इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं है। मैं विधायक पद से इस्तीफा नहीं दे रहा हूं। इस दौरान कबीर ने दावा किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोगों ने उनसे इस्तीफा नहीं देने को कहा है। बकौल कबीर, टलोगों ने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना है। वे नहीं चाहते कि मैं इस्तीफा दूं। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए, मैंने इस्तीफा नहीं देने का फैसला किया है।'

पद नहीं छोडुंगा, लेकिन नई पार्टी जरूर बनाउंगा

टीएमसी ने कबीर को पार्टी अनुशासन का बार-बार उल्लंघन करने और मस्जिद परियोजना से जुड़े भड़काऊ बयान देने के लिए निलंबित कर दिया था। विधायक बने रहने का फैसला करने के बावजूद, कबीर ने यह भी कहा कि वह नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे।

दो और विधायक मेरे पाले में आएंगे- कबीर

उन्होंने दावा किया कि मैंने अभी तक कांग्रेस से बात नहीं की है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम ने उनके साथ बातचीत की जिम्मेदारी ली है। अगले विधानसभा चुनाव के लिए मुर्शिदाबाद में कांग्रेस और वाम दलों के साथ सीट के बंटवारे की प्रबल संभावना है। उन्होंने कहा कि दो और विधायक उनकी प्रस्तावित पार्टी में शामिल होंगे, हालांकि उन्होंने उनके नाम बताने से इनकार कर दिया।

'17 दिसंबर को दे दूंगा इस्तीफा, बनाउंगा नई पार्टी'

निलंबित टीएमसी विधायक कबीर ने इससे पहले घोषणा की थी कि वह 22 दिसंबर को एक नयी राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। और उससे पहले 17 दिसंबर को वे विधानसभा से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने यह भी दावा किया था कि कोलकाता में स्थायी समिति की बैठक में भाग लेने के बाद वह औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप देंगे।

विधानसभा में भाजपा विधायकों के पास हो रही बैठाने की व्यवस्था

इस बीच, राज्य में सत्तारूढ़ दल टीएमसी ने विधानसभा के अंदर भी कबीर से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है। टीएमसी नेताओं ने कहा कि सदन में उनके बैठने की व्यवस्था बदली जाएगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि विधायक बने रहने के उनके फैसले के बाद, तृणमूल कांग्रेस विधायक दल ने सत्तारूढ़ दल के सदस्यों से दूर रखने के लिए कबीर की सीट भाजपा सदस्यों की सीट के पास करने की पहल की है। इससे पहले, कबीर को उनके पूर्व मंत्री पद के कारण सत्ता पक्ष की सीट के पास अगली पंक्ति में सीट दी गई थी।

पार्टी स्थिति पर कड़ी नजर रख रही

तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक निर्मल घोष ने कहा कि पार्टी स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है। उन्होंने बताया कि निलंबित विधायकों को विधानसभा में बैठने की व्यवस्था पर फैसला अगले कुछ दिन में लिया जाएगा।

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शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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