Bengal News: पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने और अपराधियों के खिलाफ जारी अभियान में स्पेशल टास्क फोर्स को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसटीएफ ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों के कई इलाकों में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किया है। इस बड़ी सफलता पर पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने राज्य पुलिस की मुस्तैदी की जमकर सराहना की है।
संदेशखाली और बसंती समेत कई ठिकानों पर छापेमारी
मिली जानकारी के अनुसार, एसटीएफ की टीम ने सटीक खुफिया इनपुट के आधार पर कुमराखाली के सरबेरिया बाजार, बसंती और हाल के दिनों में चर्चा में रहे संदेशखाली इलाकों में एक साथ बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। इस ज्वाइंट ऑपरेशन में बसीरहाट पुलिस जिला बल और स्थानीय पुलिस का भी पूरा सहयोग रहा।
सुरक्षा बलों ने इन ठिकानों से भारी मात्रा में छिपाकर रखे गए अवैध बंदूकें, पिस्तौलें और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों को इलाके की शांति भंग करने और हिंसक वारदातों को अंजाम देने के मकसद से छिपाकर रखा गया था।
सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस की पीठ थपथपाई
इस सफल ऑपरेशन के बाद बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर पश्चिम बंगाल पुलिस और एसटीएफ की टीम को बधाई दी। उन्होंने लिखा, "एक बड़ी कामयाबी के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस को बधाई। डीजीपी, पश्चिम बंगाल पुलिस, एसटीएफ टीम और बसीरहाट पुलिस जिला कर्मियों की त्वरित कार्रवाई और अनुकरणीय समन्वय की मैं सराहना करता हूं।"
'अब खत्म हुए काले दिन'
सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की पिछली व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि सालों तक पिछले शासनकाल में आम नागरिकों को डराने-धमकाने के लिए ऐसे अवैध हथियारों का जखीरा जमा किया जाता था और उनका बेरहमी से इस्तेमाल होता था। इस हिंसा की संस्कृति ने कई विपक्षी कार्यकर्ताओं, विशेष रूप से भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं की जान ली, जिन्होंने इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई थी।
उन्होंने आगे कहा, "वे काले दिन अब खत्म हो चुके हैं। हमारी सरकार कानून-व्यवस्था की बहाली के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम पश्चिम बंगाल के कोने-कोने से अवैध हथियारों को खोजने और उन्हें नष्ट करने का अभियान जारी रखेंगे। राज्य से आपराधिक गतिविधियों और राजनीतिक आतंकवाद का पूरी तरह से सफाया किया जाएगा। बंगाल में शांति, सुरक्षा और लोकतंत्र की जीत होगी।"
जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि इस अवैध जखीरे के पीछे किन-किन अपराधियों या राजनीतिक संरक्षण प्राप्त तत्वों का हाथ है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
