अभिनेता राजपाल यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सरेंडर करने की समय सीमा खत्म होने के बीच राजपाल यादव ने शीर्ष अदालत से राहत की गुहार लगाई है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राजपाल यादव को बुधवार तक सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में पांच करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि रकम जमा किए जाने के बाद ही उन्हें राहत मिल सकेगी। अगर निर्धारित राशि जमा नहीं की जाती है तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।
राजपाल यादव की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत उन्हें सरेंडर करना था। दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को करीब 7.5 करोड रूपये देने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को तीन महीने की सजा भी सुनाई थी लेकिन हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट मे अपील करने के लिए राजपाल यादव को दो महीने का वक्त दिया था। हाईकोर्ट की तरफ से दिया गया दो महीने का समय 10 सितंबर को खत्म हो रहा था।
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव की याचिका पर दूसरे पक्ष को नोटिस जारी किया। मामले में सुप्रीम कोर्ट अब 15 सितंबर को अगली सुनवाई करेगा। तब अदालत आगे की कानूनी कार्रवाई और राजपाल यादव को दी जाने वाली राहत पर फैसला कर सकती है।
