पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस
Murshidabad Violence: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में मारे गए एक व्यक्ति और उसके बेटे के परिजनों, एवं अन्य पीड़ितों से शनिवार को मुलाकात की तथा उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।बोस ने शनिवार को सबसे पहले मृतक हरगोविंद दास और चंदन दास के परिवार के सदस्यों से शमशेरगंज के जाफराबाद इलाके में उनके घर पर मुलाकात की एवं उनके अनुरोधों और सुरक्षा की मांगों को सुना।
बोस ने मृतकों के परिजन से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, 'मैं अनुरोधों पर गौर करूंगा। तीन से चार सुझाव मिले हैं। उन्होंने इलाके में बीएसएफ की तैनाती की मांग की है। मैं इस मामले को उचित अधिकारियों के समक्ष उठाऊंगा। निश्चित रूप से कुछ ठोस कार्रवाई की जाएगी। मैंने उनके साथ 'शांति कक्ष' का नंबर (राजभवन की हेल्पलाइन) भी साझा किया है।'
मृतकों के गमगीन परिवार के सदस्य राज्यपाल के पैरों में गिरकर न्याय की गुहार लगाते देखे गए।बाद में, धुलियान बाजार इलाके में स्थानीय लोगों से बात करने के बाद बोस ने कहा, 'मैंने उनसे (पीड़ितों से) कहा है कि वे मुझसे बेझिझक बात करें। वे न्याय चाहते हैं और उन्हें न्याय मिलेगा।'
धुलियान और शमशेरगंज के बेतबोना में स्थानीय लोगों की मांगों के बारे में बोस ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस पर गौर करेंगे।
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उन्होंने कहा, 'लोगों की कई मांगें हैं। पहली, वे न्याय चाहते हैं। दूसरी, वे शांति चाहते हैं और तीसरी, वे वहां बीएसएफ की स्थायी शिविर चाहते हैं। इन सभी को पूरी गंभीरता से लिया जाएगा और उचित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा। मैं बंगाल के लोगों के लिए इसे व्यक्तिगत रूप से उठाऊंगा।'
हालांकि, उन्होंने इस बात पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दंगा प्रभावित जिले का दौरा करना चाहिए या नहीं।प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर बोस ने कहा कि हालांकि केंद्रीय बलों की तैनाती के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन स्थानीय लोग अभी भी दहशत में हैं।उन्होंने कहा, 'केंद्रीय बलों के आने के बाद, राज्य बल अब एकजुट होकर काम कर रहे हैं और स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना से प्रभावित पक्ष अब भी डरे हुए हैं। लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।'
बोस ने कहा, 'मैं निश्चित रूप से मुख्यमंत्री, भारत सरकार और सभी अधिकारियों के साथ संवाद करूंगा और लोगों को भी जानकारी दूंगा। यह मेरा कर्तव्य है कि मैं अधिकारियों को इस बारे में रिपोर्ट करूं कि मैंने क्षेत्र में क्या देखा और इसके बारे में मेरी क्या राय है।' इस बीच, ग्रामीणों के एक वर्ग ने जाफराबाद के बेतबोना में सड़क को अवरूद्ध करते हुए प्रदर्शन किया तथा मांग की कि राज्यपाल, जिनका काफिला वहां से जा चुका था, वापस आएं और उनकी बात सुनें। एक अधिकारी ने बताया कि बोस बाद में बेतबोना वापस आये और ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें शांत किया।
इन मुस्लिम बहुल इलाकों में आठ से 12 अप्रैल को वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा में पिता-पुत्र समेत कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। इसके बाद इस सिलसिले में 274 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।अधिकारी ने बताया कि शमशेरगंज के लिए अपना दौरा शुरू करने से पहले बोस ने फरक्का के अतिथि गृह में प्रभावित परिवारों के कुछ सदस्यों से बात की जहां वह ठहरे हुए थे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल से दौरे को स्थगित करने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद बोस ने मालदा का दौरा किया था और मुर्शिदाबाद जिले के हिंसा प्रभावित इलाकों से भागकर एक अस्थायी शरणार्थी शिविर में रह रहे लोगों से मुलाकात की थी।
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