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बंगाल की खाड़ी में शुरू हो गई हलचल, इन राज्यों में शुरू होगा बारिश का दौर; IMD ने जारी किया अलर्ट

IMD Weather News: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान मौसमी प्रणाली के उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों की ओर बढ़ने तथा गहन अवदाब में तब्दील होने का अनुमान है।

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बंगाल की खाड़ी में बन रहा दबाव।

Photo : BCCL

IMD Weather News: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को कहा कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब क्षेत्र अब अवदाब (डिप्रेशन) में बदल गया है। आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, अवदाब कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से लगभग 310 किलोमीटर पूर्व, गोपालपुर (ओडिशा) से 260 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, पारादीप (ओडिशा) से 290 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और दक्षिण दीघा (पश्चिम बंगाल) से 410 किलोमीटर दूर स्थित है।

बुलेटिन में कहा गया है कि अगले 24 घंटे के दौरान मौसमी प्रणाली के उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों की ओर बढ़ने तथा गहन अवदाब में तब्दील होने का अनुमान है। इसके बाद, अगले दो दिनों के दौरान इसके पश्चिम बंगाल से लगे उत्तरी ओडिशा के गांगेय इलाकों, झारखंड और निकटवर्ती छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से की ओर बढ़ने का पूर्वानुमान है।

इन इलाकों में होगी बारिश

मौसम कार्यालय ने रविवार को ओडिशा के गंजम, गजपति, रायगड़, मल्कानगिरि और कोरापुट जिलों में कुछेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताते हुए 'ऑरेंज' अलर्ट (तैयार रहें) जारी किया है। रविवार को केंद्रपाड़ा, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर, कटक, नयागढ़, कंधमाल, कालाहांडी और नबरंगपुर जिलों के कुछेक स्थानों में भारी बारिश होने का अनुमान जताते हुए 'येलो' अलर्ट (अपडेट रहें) जारी किया गया है। आईएमडी ने सोमवार, मंगलवार और बुधवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।

मछुआरों को किया गया अलर्ट

आईएमडी ने कहा है कि संभावित अवदाब के प्रभाव के कारण 8-11 सितंबर के दौरान उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी व पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी से सटे ओडिशा तटों पर 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि के दौरान ओडिशा के तटों, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटी पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास समुद्र में न जाएं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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