Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में विपक्षी दलों के हंगामे के चलते गतिरोध बना हुआ है। इस बीच, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से फोन पर बात की। इस सत्र में तीसरी बार दोनों नेताओं की आपस में बातचीत हुई। इससे पहले, बुधवार को किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के दफ्तर में बैठक की थी।
सकारात्मक चर्चा
किरेन रिजिजू ने बताया कि राहुल गांधी के साथ मेरी सकारात्मक बातचीत हुई। हमने एक विशेष मुद्दे पर अनुरोध करने के साथ-साथ अन्य विषयों पर भी बात की। हम कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के साथ लगातार बातचीत और मिलकर समन्वय के साथ काम करना चाहते हैं।
किरेन रिजिजू ने आगे कहा, ''हम राजनीतिक विरोधी हो सकते हैं, लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं। देशहित में सभी को साथ मिलकर काम करना चाहिए।" उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बाहर ऐसी इमेज बनी है कि विपक्ष किसी भी कीमत पर संसद को नहीं चलने देना चाहते, लेकिन आखिर में इससे नुकसान किसे होता है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: '...मुझे क्या, कब और कैसे बोलना है', खरगे और रिजिजू के बीच हुई तीखी नोंकझोक; राज्यसभा में गर्माया माहौल
'संसद में रहकर काम करते हैं गृह मंत्री'
वहीं, गृह मंत्री की संसद में मौजूदगी पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, ''गृह मंत्री सदन में बिल पेश करते हैं और सुबह से शाम तक संसद में मौजूद रहकर काम कर रहे हैं। जाहिर है कि जिस मंत्री का विधेयक विचाराधीन होता है, वही सदन में मौजूद रहता है।
किरेन रिजिजू ने राहुल से मांगा सहयोग
इससे पहले, किरेन रिजिजू बुधवार को संसद भवन परिसर स्थित राहुल गांधी के दफ्तर पहुंचे, जहां हुई बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा भी मौजूद रहीं। बाद में कांग्रेस के लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई और पार्टी के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल भी बैठक में शामिल हुए। इस दौरान, किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेताओं से मानसून सत्र की शेष अवधि के दौरान सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग मांगा। सूत्रों के मुताबिक, किरेन रिजिजू की राहुल गांधी के दफ्तर में लगभग 50 मिनट तक बैठक चली, जहां उन्होंने कांग्रेस नेता से परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष के रुख के बारे में जानकारी ली।
