Yogi Adityanath : महाकुंभ 2025 अपने समापन के अंतिम दौर में है। 26 फरवरी को इसका समापन हो जाएगा। इस बीच, महाकुंभ पर विपक्ष के आरोपों का जवाब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया है। सोमवार को विधानसभा में सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने किसी भी व्यक्ति को महाकुंभ में जाने से नहीं रोका बल्कि हिदायत केवल उन लोगों के लिए थी जो दुर्भावना के चलते इस आयोजन में अव्यवस्था फैलाने की फिराक में थे। समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि इस सरकार के समय यानी 2014 में भी कुंभ का आयोजन हुआ था लेकिन तत्कालीन सीएम को इसकी समीक्षा करने की फुरसत नहीं थी। उन्होंने कुंभ का प्रभार एक गैर-सनातनी को सौंप दिया था।
सपा सरकार ने एक गैर-सनातनी को दिया कुंभ का प्रभार
सीएम योगी ने कहा, 'महाकुंभ के बारे में कहा गया कि एक जाति विशेष को वहां जाने से रोका गया। हमने किसी को रोका नहीं बल्कि कहा कि सद्भावना के साथ कोई भी महाकुंभ में जा सकता है। हमने कहा कि अगर कोई दुर्भावना से वहां गया और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की तो उसकी दुर्गति भी होगी। हमने सपा की तरह आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं किया। आपके समय में सीएम को फुरसत नहीं थी कि वह इसे देख सकें और इसकी समीक्षा कर सकें। उन्होंने एक गैर-सनातनी को कुंभ का प्रभार दिया था। लेकिन यहां मैं खुद इसकी समीक्षा कर रहा था और कर रहा हूं। यही कारण है कि 2013 के कुंभ में जो भी गया, उसे अव्यवस्था और भ्रष्टाचार देखने को मिला। त्रिवेणी के जल स्नान करने योग्य नहीं था। लेकिन इस बार 74 देशों से बड़े नेता आए और उन्होंने पवित्र स्नान किया।'
62 करोड़ से ज्यादा लोगों ने किया पवित्र स्नान
इससे पहले सीएम योगी ने बताया कि महाकुंभ में अब तक 62 करोड़ से ज्यादा लोग पवित्र स्नान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एकत्र होना अपने आप में सदी की दुर्लभतम घटनाओं में से एक है। आगरा में ‘यूनिकॉर्न कंपनीज कॉन्क्लेव’ (यूनिकॉर्न कंपनियों का सम्मेलन) में मुख्यमंत्री योगी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा, ‘मैं इसे स्टार्टअप की दुनिया का यूनिकॉर्न महाकुंभ कह सकता हूं। इस समय महाकुंभ के प्रति आकर्षण है।’ उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है। आज जब मैं ब्रज भूमि में आया हूं जिसके पीछे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि रही है। लंबे काल खंड से इसने भारत की सभ्यता और संस्कृति को प्रभावित किया है।'
