Waqf Amendment Bill 2025: सरकार ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश कर दिया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजु ने इसे लोकसभा में पेश किया। इस पर सदन में 8 घंटे की चर्चा होगी। गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा कि विपक्ष की सहमति से बिल जेपीसी को दिया गया था। कैबिनेट ने जेपीसी के सुझाव स्वीकार किए और जेपीसी के सुझाव के बाद बिल को लाया गया है। शाह ने कहा कि हमारी सरकार की कमेटी कांग्रेस जैसी नहीं है, कांग्रेस के जमाने में कमेटी सिर्फ ठप्पा लगाती थी।
कांग्रेस को मिले 100 मिनट
सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस को चर्चा के लिए 100 मिनट का समय दिया गया है। सरकार इस विधेयक को पारित कराने के लिए संकल्प जता चुकी है, जबकि विपक्ष इसे असंवैधानिक बताते हुए इसका कड़ा विरोध कर रहा है। राज्यसभा में गुरुवार को इस इस बिल पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों सदनों में इस पर आठ-आठ घंटे चर्चा के लिए होगी।
विपक्षी दलों ने किया मंथन
इससे पहले मंगलवार को विपक्षी दलों ने संसद भवन में बैठक की, जिसमें इस विधेयक को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, राकांपा नेता सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी और आप के संजय सिंह शामिल हुए। बैठक में द्रमुक के टी आर बालू, तिरुचि शिवा और कनिमोई, राजद के मनोज कुमार झा, माकपा के जॉन ब्रिटास, भाकपा के संदोष कुमार पी, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन और वाइको भी उपस्थित थे।
केरल के एर्नाकुलम जिले में लगभग 400 एकड़ भूमि को लेकर राज्य के वक्फ बोर्ड और भूमि के कब्जाधारकों के बीच विवाद ने तूफान खड़ा कर दिया है। तृणमूल सांसद बनर्जी ने कहा, हम चर्चा और मतदान में भी भाग लेंगे। हम चर्चा करना चाहते हैं लेकिन भाजपा ऐसा नहीं करना चाहती। हम संसद के पटल पर इस मामले पर चर्चा करना चाहते हैं। हम मतदान में भाग लेना चाहते हैं लेकिन भाजपा हमें चर्चा नहीं करने देगी। राजद सांसद झा ने कहा कि अगर भाजपा नीत केंद्र सरकार विपक्ष को दबाने की कोशिश करेगी तो उसे विधेयक वापस लेने पर मजबूर होना पड़ेगा।
