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Waqf Bill: लोकसभा में पेश होगा वक्फ विधेयक, विपक्ष ने संसदीय समिति के पास भेजने की मांग की

Waqf Board Act Amendment: केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड एक्ट में नए जमाने के हिसाब से बदलाव करते हुए इसे आम मुसलमानों के लिए ज्यादा उपयोगी बनाने की कोशिश कर रही है।

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वक्फ बोर्डों को नियंत्रित करने वाले कानून में संशोधन के लिए एक विधेयक होगा पेश

KEY HIGHLIGHTS
  1. वक्फ बोर्डों को नियंत्रित करने वाले कानून में संशोधन के लिए एक विधेयक होगा पेश
  2. विधेयक का उद्देश्य केंद्रीय पोर्टल के माध्यम से वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के तरीके को सुव्यवस्थित करना है
  3. सूत्रों के मुताबिक सरकार की प्राथमिकता कानून को लोकसभा में सर्वसम्मति से पारित कराना है

Waqf Bill in Lok Sabha: वक्फ बोर्डों को नियंत्रित करने वाले कानून में संशोधन के लिए एक विधेयक अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा लोकसभा में पेश किया जाएगा, इस विधेयक को लेकर कई सांसद पहले ही अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। विपक्षी दलों ने बुधवार को सरकार से आग्रह किया कि वक्फ (संशोधन) विधेयक को पेश किए जाने के बाद इस पर गौर करने के लिए इसे संसद की स्थायी समिति के पास भेजा जाना चाहिए।दूसरी तरफ, सरकार ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में कहा कि वह सदन की भावना का आकलन करने के बाद इस पर फैसला करेगी।

सरकार ने यह भी कहा कि वह बृहस्पतिवार को लोकसभा में पेश होने के बाद विधेयक पर चर्चा और इसे पारित कराने पर जोर नहीं देगी।इस बात की प्रबल संभावना है कि सरकार इस विधेयक को संसदीय समिति के पास भेजने पर सहमत हो सकती है। इस विधेयक का कुछ मुस्लिम संगठन विरोध कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि सरकार के एजेंडे का समर्थन करने वाले कुछ दलों ने भी प्रस्तावित कानून पर अपनी आपत्ति व्यक्त की है।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने समिति की बैठक में कहा कि सरकार बृहस्पतिवार को इस बात पर विचार करेगी कि विधेयक को संसदीय जांच के लिए भेजा जाए या नहीं। लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई और तृणमूल कांग्रेस सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय उन विपक्षी सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने विधेयक पेश होने के बाद इसे संसद की स्थायी समिति को भेजने की मांग की।

वक्फ निकायों में मुस्लिम महिलाओं और गैर-मुसलमानों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित

संयोग से अभी लोकसभा की विभाग-संबंधित स्थायी समितियों का गठन नहीं हुआ है। यदि सरकार इस तरह की कार्रवाई पर निर्णय लेती है तो सदन विधेयक पर विचार के लिए स्थायी समिति की अनुपस्थिति में एक अलग समिति बना सकता है।वक्फ बोर्डों को नियंत्रित करने वाले कानून में संशोधन से जुड़े विधेयक में वर्तमान अधिनियम में दूरगामी बदलावों का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें वक्फ निकायों में मुस्लिम महिलाओं और गैर-मुसलमानों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना भी शामिल है।

विधेयक को पेश किए जाने से पहले लोकसभा सदस्यों के बीच वितरित किया गया

वक्फ (संशोधन) विधेयक में वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर 'एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995' करने का भी प्रावधान है।विधेयक को पेश किए जाने से पहले मंगलवार रात लोकसभा सदस्यों के बीच वितरित किया गया। विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के विवरण के अनुसार, विधेयक में यह तय करने की बोर्ड की शक्तियों से संबंधित मौजूदा कानून की धारा 40 को हटाने का प्रावधान है कि कोई संपत्ति वक्फ संपत्ति है या नहीं। यह केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्डों की व्यापक आधार वाली संरचना प्रदान करता है और ऐसे निकायों में मुस्लिम महिलाओं तथा गैर-मुसलमानों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है।

एआईएमपीएलबी ने जताया कड़ा विरोध

प्रस्तावित विधेयक की ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कड़ी आलोचना की है और कहा है कि वक्फ बोर्डों की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा इसने विपक्ष से ऐसे संशोधनों को संसद में पारित नहीं होने देने का आग्रह किया है।

Ravi Vaish
रवि वैश्य author

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

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