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नया X अकाउंट शुरू होते ही तेजी से बढ़ रही CJP के फॉलोअर्स की संख्या, 109K से ज्यादा लोग जुड़े

इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में इसकी तुलना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आधिकारिक अकाउंट से की गई जिसके फॉलोअर की संख्या 88 लाख थी। दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी को व्यंग्यात्मक मंच बताते हुए ’एक्स’ खाते पर रोक लगाने की कार्रवाई पर सवाल उठाया।

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कॉकरोच जनता पार्टी।

Cockroach Janata Party : पिछले सप्ताह अस्तित्व में आई और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर के साथ सुर्खियों में रही ’कॉकरोच जनता पार्टी’ के ’एक्स’ अकाउंट पर बृहस्पतिवार को रोक लगा दी गई। हालांकि, रोक के कुछ ही देर बाद 'कॉकरोच मरता नहीं है’ टैगलाइन के साथ ’कॉकरोच इज बैक’ नाम से एक और हैंडल बना दिया गया। इसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने 'पीटीआई-भाषा’ से कहा, 'इस बात की उम्मीद पहले से थी क्योंकि कल से हमारे अकाउंट को हैक करने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन सरकार का दाँव उलटा पड़ गया है।’

'कॉकरोच इज बैक’ एक्स हैंडल शुरू

दीपके ने कहा, 'मैंने अब ’एक्स’ पर ’कॉकरोच इज बैक’ नाम से एक नया अकाउंट शुरू किया है।’उन्होंने कहा कि टीम इस मामले को कानूनी रूप से आगे बढ़ाएगी। 'कॉकरोच इज बैक’ एक्स हैंडल शुरू होने के इसके फॉलोअर की संख्या 109K से अधिक हो गई है। X पर इसके फॉलोअर्स की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है। इसने एक बार फिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया। दीपके के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी के ’एक्स’ पर 2,01,000 फॉलोअर थे। यह पार्टी भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की इस टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आई जिसमें उन्होंने वरिष्ठता की मांग कर रहे एक वकील से नाराजगी जताते हुए 'परजीवी’ और 'कॉकरोच’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।

CJP का इंस्टाग्राम पेज सक्रिय

प्रधान न्यायाधीश ने बाद में स्पष्टीकरण दिया था कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और उनकी टिप्पणी विशेष रूप से उन लोगों पर केंद्रित थी जो 'फर्जी डिग्रियों’ के माध्यम से वकालत के पेशे में प्रवेश करते हैं। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 15 मई को संबंधित टिप्पणी की थी और इसके एक दिन बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी’ सामने आई। यह तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसे नेताओं, कार्यकर्ताओं, कलाकारों और बड़ी संख्या में युवाओं का समर्थन मिलने लगा। हालांकि, भारत में ’एक्स’ अकाउंट तक पहुंच संभव नहीं है, लेकिन वीपीएन के जरिए इस तक पहुंचा जा सकता है। वहीं, इसका इंस्टाग्राम पेज सक्रिय है और बृहस्पतिवार शाम तक इसके करीब 1.56 करोड़ फॉलोअर थे।

कांग्रेस के फॉलोअर के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया

इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में इसकी तुलना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आधिकारिक अकाउंट से की गई जिसके फॉलोअर की संख्या 88 लाख थी। दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी को व्यंग्यात्मक मंच बताते हुए ’एक्स’ खाते पर रोक लगाने की कार्रवाई पर सवाल उठाया और कहा कि अकाउंट तथा यह आंदोलन तेजी से बढ़ रहा था। पोस्ट में कहा गया, 'उनका हमें 'ब्लॉक’ करने का यही कारण है।’इसमें एक कॉकरोच की तस्वीर भी थी जो 'कमल’ के फूल को कुतरता दिखता है, जो भाजपा का चुनाव चिह्न है। उन्होंने कहा, 'आपको लगा कि आप हमसे छुटकारा पा सकते हो? हाहा।’ कॉकरोच जनता पार्टी का इंस्टाग्राम अकाउंट, जो जल्द ही कई लोगों के लिए सीजेपी के नाम से जाना जाने लगा, ने विपक्षी कांग्रेस के 1.33 करोड़ फॉलोअर के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया है।

हर दिन हजारों फॉलोअर जुड़ रहे

उन्होंने कहा, 'एक्स हैंडल और आंदोलन बढ़ रहा है, हर दिन हजारों फॉलोअर जुड़ रहे हैं। शायद इससे सरकार डर गई है।’पहले आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े रहे दीपके ने बृहस्पतिवार को ’एक्स’ पर पोस्ट किया कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को भी हैक करने की कोशिशें की जा रही हैं। 'एक्स’ पर 'कॉकरोच’ नाम वाले कई अन्य अकाउंट भी सक्रिय हैं। इनमें 'द कॉकरोच यूथ’, 'कॉकरोच न्यूज’, 'आईएएमकॉकरोच’, 'कॉकरोच पार्टी ऑफ इंडिया’ और ’कॉकरोच जनता पार्टी (जेन जेड)’ शामिल हैं।

हैंडल के खिलाफ की गई कार्रवाई की आलोचना की

तृणमूल कांग्रेस के नेता कीर्ति आजाद और महुआ मोइत्रा ने इस आंदोलन में प्रशांत भूषण और अंजलि भारद्वाज जैसे कार्यकर्ताओं के साथ दिलचस्पी दिखाई। कई कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं ने सीजेपी के 'एक्स’ हैंडल के खिलाफ की गई कार्रवाई की आलोचना की। प्रधान न्यायाधीश ने 15 मई को कहा था, 'कॉकरोच की तरह कुछ युवा हैं जिन्हें न तो रोजगार मिलता है और न ही पेशे में कोई स्थान। उनमें से कुछ मीडिया में शामिल हो जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया कार्यकर्ता बन जाते हैं, कुछ आरटीआई कार्यकर्ता और अन्य कार्यकर्ता बन जाते हैं, तथा वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।’

(एजेंसी इनपुट)

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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