Kabul Blast: 12 अमेरिकी सैनिकों की मौत, बाइडेन बोले- ढूंढ कर निकालेंगे आतंकियों को, जरूर लेंगे बदला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 27, 2021, 06:59 AM IST

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल (Kabul Blast) में गुरुवार शाम को एयरपोर्ट के पास हुए 7 धमाकों में अभी तक 72 लोगों की मौत हो गई है जिसमें 12 अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं। जो बाइडेन ने हमले पर बदला लेने की बात कही है।

काबुल/ नई दिल्ली: काबुल एयरपोर्ट के पास गुरुवार शाम एक के बाद एक कुल 7 धमाकों  (Blast in Kabul) से दहशत फैल गई। धमाके के बाद एयरपोर्ट के आसपास लाशें ही लाशें नजर आ रही हैं और मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इन धमाकों में किसी भारतीय की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक हालात बेहद खराब हैं। एयरपोर्ट और आसपास हुए धमाकों में अब तक 72 लोगों के मारे जाने तथा 150 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

12 अमेरिकी सैनिकों की मौत- पेंटागन

घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घायलों में 60% की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। धमाके के बाद से काबुल एयरपोर्ट के आसपास से लगातार फायरिंग की आवाज आ रही है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ बैठक की। काबुल एयरपोर्ट को फिलहाल अमेरिकी सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है। पेंटागन ने कहा है कि धमाके में 12 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है।

ढूंढ कर निकालेंगे औऱ देगे सजा- बाइडेन

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'जिन्होंने इस हमले को अंजाम दिया है साथ ही वो लोग जो अमेरिका को चोट पहुंचाना चाहते हैं, उन्हें ये पता होना चाहिए कि हम माफ नहीं करेंगे। हम भूलेंगे नहीं। हम तुम्हें ढूंढ कर निकालेंगे और सजा देंगे। हम आतंकियों से डरेंगे नहीं, हम उन्हें अपना मिशन रोकने नहीं देंगे। हम रेस्क्यू मिशन को जारी रखेंगे। मैंने अपने मिलिट्री कमांडरों को ये भी आदेश दिया है कि ISIS के ठिकानों और उसके कमांडरों की लोकेशन पर हमला करें। हम अपने तय किए समय, जगह और सहूलियत के हिसाब से हमला करेंगे।'

सैनिकों की तैनाती पर बोले बाइडेन

बाइडेने कहा, 'उन्हें ये पता होना चाहिए ISIS के आतंकी कभी जीत नहीं सकते। हम अमेरीकियों को रेस्क्यू करेंगे, अफगानी साथियों को बाहर निकालेंगे और हमारा मिशन चलता रहेगा। अमेरिका किसी से नहीं डरेगा।'  काबुल में ISIS के हमले के बाद ये सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या अब अमेरिका अफगानिस्तान में और सैनिकों को उतारेगा इसका जवाब भी जो बाइडेन ने दिया और कहा, 'मैंने सेना को साफ साफ कह दिया है कि उन्हें जो कुछ भी चाहिए, अगर उन्हें और जवान चाहिए तो हम तैनात करेंगे। लेकिन मिलिट्री कमांडरों ने कहा है कि वो तय मिशन के तहत काम करना चाहते हैं। तय समय के हिसाब से ही वो ज्यादा से ज्यादा लोगों को बाहर निकाल लेंगे। हाल फिलहाल में जो कुछ भी हुआ है मैं नैतिक तौर पर उसकी जिम्मेदारी लेता हूं।'

बाइडेने ने कहा, 'लेकिन साथ ही आप भी ये जानते हैं कि पूर्व राष्ट्रपति ने तालिबान के साथ एक डील की थी। डील ये हुई थी की 1 मई तक अफगानिस्तान से हर अमेरिकी सैनिक को बाहर निकाल लिया जाएगा। हाल फिलहाल में जो कुछ भी हुआ है मैं नैतिक तौर पर उसकी जिम्मेदारी लेता हूं।'

भारत ने की निंदा
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपत हामिद करजई ने इन धमाकों की आलोचना की है। करजई ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह सिधे तौर पर अफगानाी लोगों पर हमला है...धमाके में मारे गए लोगों के परिवार के प्रति हामिद करजई ने संवेदना वयक्त की। यह अफगानी नागरिकों पर सीधा हमला है। भारत ने हमले की कड़े शब्दों मे निंदा की और चेताया दुनिया को आतंक के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने काबुल एयरपोर्ट पर हुए हमले की निंदा की। एंटोनियो ने कहा कि इस से पता चलता है कि जमीन पर हालात कितने खराब हैं।
 

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