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UCC पर BJP के 'दांव' के बीच पटना में आज जद-यू का ओरिएंटेशन, बढ़ाई जा सकती है निशांत की भूमिका

सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में यूसीसी पर जद-यू के आधिकारिक रुख को लेकर कोई फैसला हो सकता है। इस कार्यक्रम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी में नीतीश कुमार की विरासत को और मजबूत बनाने और पार्टी में निशांत की भूमिका बढ़ाने की दिशा में कोई बड़ी पहल हो सकती है।

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जद-यू का पटना में ओरिएंटेशन कार्यक्रम।

JD-U orientation: जनता दल-यूनाइटेड की शुक्रवार को पटना में ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में पार्टी के विधायकों-एमएलसी को विधायी कार्यों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में नीतीश कुमार, संजय कुमार झा, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, निशांत कुमार और विजय कुमार चौधरी सहित जद-यू के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। जद-यू की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीए शासित सभी राज्यों में 2029 से पहले यूसीसी लागू करने की बात कही है।

UCC पर जद-यू के सुर भाजपा से अलग!

जद-यू, एनडीए का हिस्सा है और यूसीसी मुद्दे पर जद-यू के सुर भाजपा से अलग दिखाई पड़े हैं। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में यूसीसी पर जद-यू के आधिकारिक रुख को लेकर कोई फैसला हो सकता है। इस कार्यक्रम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी में नीतीश कुमार की विरासत को और मजबूत बनाने और पार्टी में निशांत की भूमिका बढ़ाने की दिशा में कोई बड़ी पहल हो सकती है।

शाह के बयान के बाद दुविधा में है जद-यू!

इस घोषणा के कुछ ही दिनों बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी और एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। जेडीयू के लिए, जिसका UCC पर रुख कभी भी पूरी तरह से विरोध का नहीं रहा है, बल्कि 'आपसी सहमति' के आधार पर सशर्त समर्थन का रहा है, यह घोषणा एक दुविधा लेकर आई है। पार्टी के सामने चुनौती है कि गठबंधन की सियासत को प्रभावित किए बिना वह अपने सतर्क रुख को कैसे स्पष्ट करे।

सैद्धांतिक रूप से UCC के खिलाफ नहीं जद-यू

गौरतलब है कि UCC पर जेडीयू का रुख हमेशा से सीधे विरोध के बजाय ज्यादा संतुलित रहा है। 2017 में जब विधि आयोग ने इस मुद्दे पर राय मांगी थी, तब नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा था कि वह सैद्धांतिक रूप से UCC के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे लागू करने से पहले व्यापक विचार-विमर्श और आम सहमति जरूरी है। पार्टी ने 2023-24 में भी इसी रुख को दोहराया।

आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी 17.7%

हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों में जैसे-जैसे UCC को लेकर चर्चा तेज हुई, जेडीयू का रुख कुछ और स्पष्ट हुआ। पार्टी के कई नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर UCC का विरोध नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे केवल बिहार में लागू नहीं किया जाना चाहिए। राज्य के जातीय सर्वेक्षण के मुताबिक, बिहार की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी 17.7% है। यानी राज्य की 13.07 करोड़ आबादी में मुस्लिम आबादी करीब 2.31 करोड़ है। CSDS-लोकनीति के आंकड़ों के अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव में बिहार के 12% मुस्लिम मतदाताओं ने NDA गठबंधन के पक्ष में मतदान किया था।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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