10 जून को देश के अलग अलग हिस्सों में जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़की थी। लेकिन आज यानी 17 जून को किसी तरह की हिंसक वारदात ना हो इसके लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। हिंसा से जो शहर प्रभावित रहे वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि उपद्रवी माहौल को खराब ना कर सकें। अगर बात इलाहाबाद की करें तो सुरक्षा की चाकचौबंद व्यवस्था है। केजी सिंह कौशांबी सीओ कानून और व्यवस्था की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ड्रोन का उपयोग करके सुरक्षा निगरानी करती हैसंवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त बल तैनात किए गए हैं। हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं। पुलिस गश्त नियमित रूप से की जा रही है।
उपद्रवियों पर ड्रोन से निगहबानी
पिछले हफ्ते जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के मद्देनजर उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्य में सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। इसी तरह के विरोध के डर से, प्रशासन ने अतिरिक्त बल तैनात किए हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ड्रोन का उपयोग करके सर्वेक्षण कर रहे हैं।पिछले हफ्ते, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पैगंबर मुहम्मद पर अब निलंबित भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा की टिप्पणियों को लेकर हिंसा भड़क गई थी। शुक्रवार की नमाज के बाद हिंसा भड़क उठी जब हजारों मुसलमान सड़कों पर उतर आए। हालांकि, वे हिंसक हो गए और पथराव, और बर्बरता का सहारा लिया।
10 जून को हिंसा के बाद जबरदस्त तैयारी
प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आग लगा दी और कुछ गाड़ियां नष्ट कर दीं। पथराव में जिलाधिकारी समेत शीर्ष तीन जिला अधिकारी घायल हो गए।प्रशासन को शुक्रवार की नमाज के लिए आज भी इसी तरह के जमावड़े की आशंका है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर भारी तैनाती की है। एएनआई से बात करते हुए, केजी सिंह कौशांबी सीओ ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त बल तैनात किए गए हैं। हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं। पुलिस गश्त नियमित रूप से की जा रही है।प्रयागराज, सहारनपुर, हाथरस, मुरादाबाद, अलीगढ़ और फिरोजाबाद सहित नौ जिलों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। पुलिस ने अब तक 13 प्राथमिकी दर्ज की हैं और 357 लोगों को गिरफ्तार किया है - उनमें से लगभग आधे दो जिलों - प्रयागराज (97) और सहारनपुर (85) से हैं।
जुमे की नमाज पर प्रशासन अलर्ट, यूपी के दो दर्जन शहरों में फ्लैग मार्च
- Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
- Updated Jun 17, 2022, 07:54 AM IST
17 जून को जुमे की नमाज के बाद किसी तरह की अप्रिय स्थिति का सामना करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। 10 जून को जहां हिंसक प्रदर्शन हुए थे वहां खास सावधानी बरती जा रही है।
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