Yakub Memon Grave Controversy: 1993 में मुंबई में हुए धमाकों का मास्टर माइंड और दोषी की कब्र सजाने पर बवाल मचा हुआ है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कब्रिस्तान के दो पूर्व ट्रस्टी का दावा है कि याकूब मेमन के भाई टाइगर मेमन के नाम पर धमकी देकर 2021 में तीन कब्रें खरीदने की कोशिश की गई थी। इसकी शिकायत भी पुलिस से की गई थी। पूर्व ट्रस्टी परवेज सरकारे और जजील नवराने के मुताबिक साल 2021 में याकूब की कब्र पर कोई भी मार्बल नहीं लगा था लेकिन इसे वक्फ बोर्ड और ट्रस्ट की मिली भगत के बाद इसकी सजावट की गई है।
पूर्व ट्रस्टी का दावा
दोनों पूर्व ट्रस्टी के मुताबिक मेमन परिवार की कोशिश थी की याकूब की कब्र को बड़ा बनाया जाए और इसी वजह से 3 जनरल कब्रों को भी खरीदने की कोशिश की गई थी। पूर्व के दोनों ट्रस्टी ने मेमन परिवार की इस मांग को ठुकरा दिया था जिसके बाद उन्हें पाकिस्तान में बैठे याकूब मेमन के भाई टागरम मेमन के नाम से धमकी भी दी गई थी। पूर्व ट्रस्टी ने दावा किया कि टाइगर मेमन ने धमकाने की भी कोशिश की थी और इसे बड़ा करने की भी कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि बिना मिलीभगत के मार्बल नहीं लग सकता।
उद्धव का पलटवार
इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने एक कमेटी बनाई है जो इस बात की जांच करेगी कि आखिर याकूब मेमन की कब्र को किसने सजाया और क्या इसके पीछे कोई इंटेलिजेंस चूक हुई या फिर पिछली उद्धव सरकार की मर्जी से काम हुआ। इस बीच आतंकी याकूब की कब्र को लेकर सियासत भी तेज हो गई हैष बीजेपी के आरोपों पर आदित्य ठाकरे ने पलटवार करते हुए कहा कि ओसामा की तरह समुद्र में क्यों नहीं फेंका?.. किसकी सरकार ने दी दफनाने की इजाजत?
