Premanand Maharaj: राधाष्टमी के बाद आज प्रेमानंद महाराज एक बार फिर वृंदावन स्थित श्री राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। सुबह करीब पांच से साढ़े पांच बजे के बीच जैसे ही भक्तों को जानकारी मिली कि प्रेमानंद महाराज यमुना विहार बेलवन आश्रम से श्री राधा केलि कुंज पहुंच रहे हैं, बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां जुटने लगे। केलि कुंज में ही प्रेमानंद बाबा के शिष्य रसिक दुलारी ने छत से कूदकर जान दे दी थी। जिसके बाद यह आश्रम विवादों के केंद्र में आ गया।
प्रेमानंद महाराज कार से श्री राधा केलि कुंज पहुंचे, जिसके बाद उनके दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ नजर आई। जैसे ही महाराज के पहुंचने की खबर फैली, आश्रम के बाहर श्रद्धालुओं का तांता लग गया। दूर-दूर से आए भक्त महाराज के दर्शन की प्रतीक्षा करते दिखाई दिए। कोई हाथ जोड़कर खड़ा नजर आया, तो कई भक्त अपने मोबाइल कैमरे में इस पल को कैद करते दिखाई दिए। राधाष्टमी के बाद प्रेमानंद महाराज के श्री राधा केलि कुंज पहुंचने की खबर से उनके अनुयायियों में खास उत्साह देखने को मिला। सुबह-सुबह ही आश्रम के आसपास भक्तों की आवाजाही बढ़ गई।
कहां थे संत प्रेमानंद महाराज?
संत प्रेमानंद महाराज ने कुछ दिनों पहले अपना मुख्य आश्रम 'श्री हित राधा केलि कुंज' छोड़ दिया था। इसके बाद प्रेमानंद महाराज वृंदावन के परिक्रमा मार्ग (वाराह घाट) स्थित अपने पुराने आश्रम से लगभग 20 किलोमीटर दूर, यमुना पार स्थित बेलवन क्षेत्र में चले गए हैं। बेलवन के पास ही उनका एक नया आश्रम निर्मित किया गया है, जिसका नाम 'यमुना विहार कुंज' है। महाराज जी इसी नए आश्रम में एकांतावास में रह रहे थे।
रसिक दुलारी की मौत और विवाद
रसिक दुलारी प्रेमानंद महाराज के शिष्य थे। 25 सितंबर 2026 को रसिक दुलारी ने केलि कुंज आश्रम की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके कई वीडियो सामने आ चुके हैं। रसिक दुलारी के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके लिंग पर जख्म का दावा किया गया है। वीडियो में भी उनकी धोती पर खून के धब्बे दिखाई दे रहे हैं। इसी को लेकर मुख्य रूप से विवाद है कि आखिर रसिक दुलारी ने आत्महत्या क्यों की, लिंग पर जख्म कहां से आया?
