देश

'बंगाल चुनावों के लिए वंदे मातरम पर बहस...?' प्रियंका गांधी ने इसके मकसद पर उठाया सवाल, कहा पीएम मोदी का आत्मविश्वास हो रहा कम

Vande Mataram Debate: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को वंदे मातरम पर बहस की जरूरत और मकसद पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा उन्हें अजीब लग रही है।

Image

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा

Vande Mataram Debate: प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि क्या सदन इस मुद्दे पर सिर्फ इसलिए बहस कर रहा है क्योंकि पश्चिम बंगाल में चुनाव आ रहे हैं, और कहा कि वे (केंद्र) जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहते हैं। 'हम वंदे मातरम पर बहस कर रहे हैं क्योंकि पश्चिम बंगाल में चुनाव आ रहे हैं। वे जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहते हैं,' प्रियंका गांधी ने कहा।

लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री की लीडरशिप पर सवाल उठाया और कहा, 'सच तो यह है कि मोदी अब वैसे प्रधानमंत्री नहीं रहे जैसे पहले थे। सच तो यह है कि यह अब दिखने लगा है। उनका आत्मविश्वास कम हो रहा है। उनकी नीतियां देश को कमजोर कर रही हैं, और सत्ता में मेरे साथी चुप हैं क्योंकि, अंदर ही अंदर, उन्हें भी इस बात पर शर्म आ रही है। आज देश के लोग नाखुश हैं, परेशान हैं, और समस्याओं से घिरे हुए हैं, और आप उन्हें हल नहीं कर रहे हैं...'

प्रियंका गांधी ने आगे आरोप लगाया कि वे (सरकार) सिर्फ जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं। 'इसीलिए आज हम वंदे मातरम पर चर्चा कर रहे हैं। वंदे मातरम देश के हर कण में ज़िंदा है। इस पर कोई बहस नहीं हो सकती। आज प्रधानमंत्री ने यह चर्चा शुरू की। उन्होंने भाषण दिया और यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि वे अच्छे भाषण देते हैं, लेकिन जब तथ्यों की बात आती है तो वे कमज़ोर पड़ जाते हैं। इसमें भी एक कला है कि तथ्यों को जनता के सामने कैसे पेश किया जाए। मैं नई हूं, मैं जनता की प्रतिनिधि हूं, कोई एक्टर नहीं...'

कांग्रेस सांसद ने कहा, 'सत्ताधारी पार्टी के हमारे साथी इतने घमंडी हो गए हैं कि वे खुद को महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर, राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब अंबेडकर, मौलाना आज़ाद, सरदार पटेल और सुभाष चंद्र बोस से भी बेहतर समझने लगे हैं। पीएम मोदी का अपने भाषण में यह कहना कि राष्ट्रगान को एक बांटने वाली सोच ने छोटा किया, उन सभी महान लोगों का अपमान है जिन्होंने इस देश की आजादी की लड़ाई के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।'

गौर हो कि संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर लोकसभा में विस्तार से चर्चा की गई। इस चर्चा में बोलते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वंदेमातरम को देश की आत्मा को अभिव्यक्त करने वाला गीत करार दिया। उन्होंने कहा कि न तो वंदे मातरम और न ही बंकिम चंद्र चटोपाध्याय का उपन्यास आनंदमठ इस्लाम विरोधी है। आनंदमठ के उदाहरण भारतीय इतिहास और वर्तमान सामाजिक संदर्भ दोनों से गहराई से जुड़े हैं।

बंकिम चंद्र के आनंदमठ को समझने की जरूरत

उन्होंने कहा कि आज बंकिम चंद्र के आनंदमठ को समझने की जरूरत है। वंदे मातरम के मूल स्वरूप में भारत की प्रकृति, संस्कृति और विशेषताओं का सौंदर्यपूर्ण चित्रण है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन पंक्तियों को बाद में हटाया गया, उन्हें केवल जिन्ना की संकीर्ण राजनीतिक दृष्टि से देखकर ही विवादास्पद बताया जा सकता है। बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने गीत की कई पंक्तियों का अर्थ समझाया और कहा कि इसमें कहीं भी मूर्ति-पूजा को अनिवार्य या प्रमुख नहीं बनाया गया है। विपक्ष को घेरते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि सालों तक इस गीत को तुष्टीकरण की राजनीति में घसीटकर गलत तरीके से पेश किया गया। बिना नाम लिए कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग देश की आत्मा को नहीं समझते वे वंदेमातरम को क्या समझेंगे।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!