Vande Bharat Express Train in Kerala: केरल की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत को मंगलवार (24 अप्रैल, 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तिरुवनंतपुरम सेंट्रल रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। खास बात है कि इस ट्रेन के इंजन पर पहली बार चीते (कैट फैमिली के जानवर, जो दुनिया का सबसे तेज भागने वाला जानवर है) की तस्वीर बतौर प्रतीक चिह्न लगी है। यह देश की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन के प्रतीक के साथ देश में चलाए जा रहे उस अभियान का भी प्रतीक है, जिसकी मध्यप्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में शुरुआत हुई थी। बहरहाल, इस मौके पर पीएम तिरुवनंतपुरम और आस-पास के स्टेशनों के विकास के लिए करीब 500 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे।
वंदे भारत एक्सप्रेस तिरुवनंतपुरम और कासरगोड के बीच सप्ताह में छह दिन चलेगी। देश की 12वीं और केरल की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस केरल के 11 जिले को कवर करेंगी, जिनमें तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, पठानमथिट्टा, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कसारगोड हैं।
समय सारणी और किराया
ट्रेन गुरुवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। तिरुवनंतपुरम से सुबह 5.20 बजे चलकर दोपहर 13.25 पर कासरगोड पहुंचेगी। कासरगोड से चलकर 14.30 बजे चलकर तिरुवनंतपुरम रत 22.35 तक आएगी। जहां तक किराए के सवाल है तो तिरुवनंतपुरम से कासरगोडा तक चेयर कार का किराया - 1590 रुपए है। एक्सक्यूटिव क्लास का किराया 2880 रुपए रहेगा, जबकि कारसगो से तिरुवनंतपुरम में चेयर कार क्लास का किराया 1520 और एक्सक्यूटिव क्लास में 2815 रुपए रहेगा।वैसे, वंदेभारत एक्सप्रेस को हरीझंडी दिखाने के साथ ही प्रधानमंत्री तिरुवनंतपुरम, कोझिकोड, वर्कला शिवगिरी रेलवे स्टेशन रिडेवलपमेंट प्लान का शिलान्यास भी किया। इसके अलावा केरल के तिरुवनंतपुरम रेल रूट में ट्रेक मोडिफिकेशन के साथ ही तिरुवनंतपुरम-शोरानूर खंड की ट्रेक स्पीड बढ़ाने के लिए योजनाओं की शुरुआत भी की।
कोच्चि में वॉटर मेट्रो - देश में पहली सीमलेस कनेटिविटी - लैंड टू आईलैंड
तिरुवनंतपुरम के बाद केरल के बिजनेस कैपिटल कोच्चि के लिए भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का एक अनोखा मॉडल को प्रधानमंत्री देश को समर्पित किया। कोच्चि वाटर मेट्रो - शहर के साथ जुड़े आईलैंड से सीमलेस कनेक्टिविटी के लिए बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक हाइब्रिड वोट जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री ने किया। इस सेवा के शुरू होने से कोच्चि के आसपास के 10 द्वीपों में आने जाने के बेहतर विकल्प मिल जाएगा। जिसमे ना ही वायू प्रदूषण होगा ना ही ध्वनि प्रदूषण। हाइब्रिड मॉडल होने की वजह से इसमें जरूरत पड़ने पर बैट्री छोड़ फ्यूल का भी उपयोग हो सकता है।
