Uttarakhand Weather Today: उत्तराखंड में आज भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इसकी संभावना जताई है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। लैंड स्लाइड के कारण कई सड़कें टूट गईं हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि आज भी बारिश के कारण लैंड स्लाइड की घटना हो सकती है, इसलिए लोग सतर्क रहें।
क्या कहा मौसम विभाग ने
मौसम विभाग ने कहा कि देहरादून में कोटी, मसूरी और हरिद्वार जिले में लक्सर ब्लॉक में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन होने की संभावना है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
उफान पर नदियां
भारी बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने के कारण उत्तराखंड में नदियां उफान पर हैं। गंगा चेतावनी स्तर के आसपास बह रही है। जिसके कारण उसके किनारे के इलाकों में पानी भर आया है। अलकनंदा नदी पर बने बांध से भारी मात्रा में छोड़े गए पानी से देवप्रयाग में गंगा नदी खतरे के निशान को और हरिद्वार में चेतावनी स्तर को पार कर गयी । पौड़ी जिले के श्रीनगर में अलकनंदा के चेतावनी स्तर से ऊपर बहने के कारण उस पर बनी जीवीके जलविद्युत परियोजना के बांध से सुबह 2000-3000 क्यूमेक्स पानी छोड़े जाने के बाद बारिश से उफनाई गंगा के जलस्तर में जबरदस्त उछाल आया। देर शाम तक टिहरी जिले में देवप्रयाग संगम पर गंगा खतरे के निशान 463 मीटर का स्तर पार कर 463.20 मीटर पर पहुंच गयी। इससे संगम घाट, रामकुंड, धनेश्वर घाट और फुलाड़ी घाट में पानी भर गया ।
बचाव कार्य जारी
हरिद्वार में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते लक्सर, खानपुर, रूड़की, भगवानपुर और हरिद्वार तहसीलों के 71 गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।वहां राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), सेना तथा पुलिस की मदद से बचाव और राहत कार्य चलाए जा रहे हैं।चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र में नीति घाटी में गिर्थी गंगा नदी में मलबे के साथ अत्यधिक पानी आने के कारण जोशीमठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी से आठ किलोमीटर आगे नदी पर बने पुल का अबेटमेंट (पुल को सहारा देने वाली संरचना) क्षतिग्रस्त हो गया।
