Uttarakhand Flood : उत्तराखंड में जारी लगातार बारिश से यहां की नदियां उफनाई हुई हैं। जगह-जगह मलबा सड़क पर आने से मार्ग बाधित हो गए हैं। यहां तक कि लोगों को दूसरी जगहों पर जाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना पड़ रहा है। बारिश की वजह से पहाड़ों से आने वाला मलबा पागल नाले में भर गया है। इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई है। इससे चार धाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, प्रशासन यातायात सामान्य बनाने के लिए काम कर रहा है।
भागीरथी नदी को पार करते ग्रामीण
वहीं, उत्त्तरकाशी मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर दूर स्यूणा गांव के ग्रामीणों का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर भागीरथी नदी को पार करते हुए देखा जा सकता है। इस समय भागीरथी नदी उफान के साथ बह रही है। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से स्यूणा गांव की दूरी महज 4 किमी है। भटवाड़ी ब्लॉक के इस गांव में 35 से ज्यादा परिवार रहते हैं। यहां बीते कई सालों से ग्रामीण गांव को झूला पुल या सड़क से जोड़े जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है।
उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश
बता दें कि उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर शुक्रवार को भी बारिश जारी रही जिससे गंगा और यमुना सहित अनेक नदियां और नाले उफान पर आ गए जबकि मदमहेश्वर में एक पैदल पुल के बारिश में बह जाने के बाद वहां फंस गए 106 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों ने यहां बताया कि लगातार बारिश होने से हरिद्वार जिले में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसे देखते हुए नदी किनारे बनी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। भारी बारिश से रुदप्रयाग जिले में करीब 11 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित मदमहेश्वर के पैदल रास्ते पर गोंडार में एक पुल बह गया जिससे वहां 100 से ज्यादा पर्यटक फंस गए।
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा
राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) से मिली जानकारी के अनुसार सूचना मिलने पर हेलीकॉप्टर की मदद से वहां फंसी पांच महिलाओं समेत 106 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री धाम के पास जानकीचट्टी में अत्यधिक बारिश होने से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया जिससे यमुनोत्री मंदिर परिसर में स्थित मंदिर समिति के कार्यालय और रसोई को भी नुकसान पहुंचा। नदी का पानी जानकीचट्टी के पार्किंग क्षेत्र में भी आ गया जिसमें कुछ दोपहिया वाहन बह गए। एसडीआरएफ और पुलिस द्वारा नदी के आसपास के इलाकों को सुरक्षा की द्रष्टि से खाली करा लिया गया है। बड़कोट के उपजिलाधिकारी मुकेश चंद्र रमोला ने बताया कि नदी के पानी से जनहानि नहीं हुई लेकिन परिसंपत्तियों को नुकसान हुआ जिसका जल्द ही जायजा लिया जाएगा।
भूस्खलन होने से यातायात बाधित
उत्तरकाशी जिले में ही गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भटवाड़ी से आगे थिरांग के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने से यातायात बाधित हो गया। भूस्खलन के कारण मलबे में एक मोटरसाइकिल भी दब गयी। हालांकि, मोटरसाइकिल सवार घटना में सुरक्षित बच गया। टिहरी में भिलंगना क्षेत्र के बूढ़ाकेदार में जखाना, तोली और गेन्बाली गांवों में बृहस्पतिवार रात भारी बारिश हुई जिससे बालगंगा नदी में उफान आ गया और ग्रामीणों के खेत, पुल तथा संपर्क मार्ग नदी के पानी से क्षतिग्रस्त हो गए। सड़क किनारे बसे गांवों के कई मकानों और दुकानों में भी नदी का पानी घुस गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे समय रहते घरों से निकल कर सुरक्षित स्थानों पर आ गए, अन्यथा जनहानि भी हो सकती थी।
