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हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद स्थान का हुआ शुद्धीकरण! बोले- इस देश में दलितों की कोई जगह नहीं, BJP पर आरोप, पढ़ें- मामला

Mallikarjun Kharge Haldwani Rally: हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली स्थल पर 'शुद्धीकरण' अनुष्ठान से कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने। कांग्रेस ने बताया जातिगत भेदभाव, भाजपा ने दिया करारा जवाब।

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खरगे की रैली के बाद स्थान का हुआ शुद्धीकरण! बोले- इस देश में दलितों की कोई जगह नहीं, BJP पर भेदभाव जैसा बड़ा आरोप

Haldwani Shuddhikaran Controversy: उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की विशाल जनसभा आयोजित हुई थी। हालांकि, रैली के समापन के बाद 'श्री राम सेना' नामक एक संगठन द्वारा उस मंच और स्थल का 'शुद्धीकरण' अनुष्ठान कराने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में उबाल आ गया है। कांग्रेस ने इसको लेकर भाजपा को घेरा है। उसके द्वारा भाजपा पर भेदभाव जैसा बड़ा आरोप लगाया गया है। इतना ही नहीं यह मामला खरगे ने राज्यसभा में भी उठाया, जिसपर भारी हंगामा देखने को मिल रहा है। खरगे के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जवाब दिया और कहा कि मामले की जांच की जा रही है और उन्होंने इससे भाजपा को अलग किया। साथ ही कहा कि अगर शुद्धीकरण जैसी कोई चीज हुई है तो इसपर कड़ा एक्शन लेंगे। वहीं, नड्डा ने साफ कहा कि इसके लिए भाजपा पर आरोप ना लगाएं। इसमें भाजपा का कोई हाथ नहीं।

वहीं, मल्लिकार्जुन खरगे ने पूरे मामले पर मीडिया से भी बात की और X पर एक पोस्ट भी किया। जिसमें उन्होंने लिखा, 'हम पहले से कहते आ रहे हैं कि इस देश में दलितों के लिए कोई जगह नहीं है। आखिर वहां 'हवन' की क्या जरूरत थी? हल्द्वानी, उत्तराखण्ड के रामलीला मैदान में हर पार्टी के लोग जनसभा करते हैं, लेकिन वहां जो किया गया, वह हिंदू धर्म के खिलाफ है। इससे यह भी साफ होता है कि BJP के लोग देश को बांटने और जातियों के बीच झगड़ा कराने का काम कर रहे हैं।'

खरगे ने राज्यसभा में क्या कहा?

कांग्रेस की तरफ से एक पोस्ट किया गया, जिसमें कहा गया, 'मैंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया। उस जनसभा में मैंने किसी जाति या धर्म का नाम नहीं लिया, सिर्फ जनता की समस्याओं पर बात की। लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ता है कि मेरे भाषण के बाद BJP के लोगों ने वहां हवन किया और उस स्टेज का शुद्धिकरण करने का काम किया।'

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उत्तराखंड की राजनीति में उबाल

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और वरिष्ठ नेता सलमान सोज ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

गणेश गोदियाल (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष): 'लोकतांत्रिक और आधुनिक भारत में छुआछूत और भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है। जिस मंच से हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संबोधित किया, उसका 'शुद्धीकरण' करना संकीर्ण और जातिवादी मानसिकता को दर्शाता है। महात्मा गांधी ने कहा था कि छुआछूत ईश्वर के खिलाफ अपराध है।'

सलमान सोज (वरिष्ठ कांग्रेस नेता): 'यह एक सम्मानित दलित नेता और देश के विपक्ष के नेता के प्रति नफरत से भरा व्यवहार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस घटना की निंदा करनी चाहिए और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करानी चाहिए।'

आरजेडी का समर्थन: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रवक्ता प्रियंका भारती ने भी इस घटना को दलित नेता के प्रति घृणास्पद कृत्य बताते हुए कड़ा विरोध जताया।

बीजेपी का जवाब, 'कांग्रेस की अपनी सोच दूषित'

कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री और भाजपा प्रवक्ता खजान दास ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी का इस संगठन से कोई संबंध नहीं है।

धार्मिक स्थल का अपमान: खजान दास ने कहा कि रामलीला मैदान सनातन धर्म के लिए एक अत्यंत पवित्र स्थान है। वहां राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान एक विशिष्ट समुदाय विशेष द्वारा आपत्तिजनक नारे लगाए जाने से सनातनी समाज आहत हुआ था, जिसके बाद यह अनुष्ठान हुआ।

जातिगत राजनीति का आरोप: भाजपा ने कांग्रेस पर सनातन समाज को बांटने और मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस के इतिहास पर हमला: भाजपा प्रवक्ता ने कहा, 'शुद्धीकरण खरगे जी का नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी की दूषित मानसिकता का होना चाहिए। कांग्रेस ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर से लेकर अपने पूर्व दलित अध्यक्ष सीताराम केसरी और बाबू जगजीवन राम तक का हमेशा अपमान किया है।'

वायरल वीडियो में आयोजकों का दावा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में 'शुद्धीकरण' करने वाले संगठन के एक सदस्य ने सफाई देते हुए कहा कि इस पवित्र धार्मिक स्थल का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया गया और यहां ऐसे बयान देने वाले नेताओं को मंच दिया गया जिन्होंने पूर्व में हिंदुत्ववादी संगठनों की तुलना सांप से की थी, जिससे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई थीं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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