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केदारनाथ के पास हिमस्खलन, गहरी खाई में समाया बर्फ का गुबार; VIDEO वायरल

Kedarnath Avalanche: केदारनाथ से चार किलोमीटर ऊपर बर्फीले इलाके में रविवार तड़के एक तेज आवाज के साथ हिमस्खलन हुआ। रूद्रप्रयाग जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने संवाददाताओं को बताया कि चौराबाड़ी हिमनद में सुबह हुए हिमस्खलन से जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है और केदारनाथ सहित पूरा क्षेत्र सुरक्षित है।

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केदारनाथ हिमस्खलन

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • तेज आवास के साथ नीचे आया बर्फ का गुबार
  • हिमस्खलन से जानमाल का कोई नुकसान नहीं
  • घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

Kedarnath Avalanche: केदारनाथ से चार किलोमीटर ऊपर बर्फीले इलाके में रविवार तड़के एक तेज आवाज के साथ हिमस्खलन हुआ। अधिकारी ने बताया कि यह हिमस्खलन सुबह पांच बजकर छह मिनट पर केदारनाथ घाटी के ऊपरी छोर पर स्थित हिमाच्छादित मेरु-सुमेरु पर्वत श्रृंखला के नीचे चौराबाड़ी हिमनद में गांधी सरोवर के ऊपरी क्षेत्र में हुआ।

जानमाल का कोई नुकसान नहीं

रूद्रप्रयाग जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने संवाददाताओं को बताया कि चौराबाड़ी हिमनद में सुबह हुए हिमस्खलन से जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है और केदारनाथ सहित पूरा क्षेत्र सुरक्षित है।

सोशल मीडिया पर VIDEO वायरल

इस इलाके में हिमस्खलन एक सामान्य प्राकृतिक घटना है। सुबह केदारनाथ मंदिर में दर्शन के लिए गए श्रद्धालुओं ने भी इस घटना को देखा और कई ने इसे अपने मोबाइल में कैद भी किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

वीडियो में चोराबाड़ी ग्लेशियर और गांधी सरोवर से ऊपर हिमस्खलन से बर्फ का भारी गुबार तेज रफ्तार के साथ नीचे खिसकते हुए दिखाई दे रहा है जो गहरी खाई में समा गया। इस दौरान मंदिर और अन्य क्षेत्रों में मौजूद यात्री और अन्य लोगों में कौतूहल बना रहा।

8 जून को भी हुआ था हिमस्खलन

धाम में मौजूद गढ़वाल मंडल विकास निगम के कर्मचारी गोपाल सिंह रौथाण ने बताया कि लगभग पांच मिनट तक इस प्राकृतिक घटना को देखने के लिए लोगों में खासा कौतूहल दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि आठ जून को भी चौराबाड़ी हिमनद में हिमस्खलन हुआ था।

सितंबर और अक्टूबर 2022 में भी यहां तीन बार हिमस्खलन हुआ था। वहीं, 2023 में मई और जून में चौराबाड़ी से लगे कंपेनियन हिमनद में पांच बार हिमस्खलन की घटनाएं दर्ज की गईं। उस समय भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान और वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र का स्थलीय और हवाई सर्वेक्षण कर पूरी स्थिति का जायजा लिया था।

वैज्ञानिक दल ने तब हिमालय क्षेत्र में इन घटनाओं को सामान्य बताया था, लेकिन उन्होंने केदारनाथ मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा को और बेहतर बनाने पर जोर दिया था।

(इनपुट: भाषा)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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