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उमर खालिद के समर्थन में अमेरिकी सांसदों की चिट्ठी, भारत सरकार से की यह 'बड़ी मांग'

अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने अमेरिका में भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर कार्यकर्ता उमर खालिद के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार 'निष्पक्ष और समयबद्ध' सुनवाई का आग्रह किया है।

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उमर खालिद (फाइल फोटो:PTI)

US Senators Letter for Umar Khalid: अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर कार्यकर्ता उमर खालिद के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार 'निष्पक्ष और समयबद्ध' सुनवाई का आग्रह किया है। सांसद जिम मैकगवर्न और जेमी रस्किन उन आठ सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने 'दिल्ली में फरवरी 2020 की हिंसा के संबंध में खालिद समेत आरोपी व्यक्तियों को सुनवाई से पूर्व लंबे समय से हिरासत में रखे जाने के बारे में अपनी चिंता' व्यक्त की है।

फरवरी 2020 के दिल्ली दंगा मामले में 'मुख्य साजिशकर्ता' होने के आरोप में उमर खालिद और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (IPC) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस दंगे में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

पत्र में कहा गया है, 'अमेरिका और भारत के बीच एक दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी है, जिसकी जड़ें ऐतिहासिक रूप से लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक शासन से जुड़ी रही हैं।' इसमें कहा गया कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते दोनों देशों का स्वतंत्रता, कानून के शासन, मानवाधिकारों और बहुलतावाद की रक्षा और संरक्षण में साझा हित है।

खालिद को अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अस्थायी जमानत

सांसदों ने कहा कि 'इसी भावना के तहत' वे उमर खालिद की हिरासत को लेकर अपनी चिंताएं उठा रहे हैं।सांसदों का दावा है कि मानवाधिकार संगठनों, विधि विशेषज्ञों और वैश्विक मीडिया ने खालिद की हिरासत से जुड़ी जांच और कानूनी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। पत्र में कहा गया कि खालिद को यूएपीए के तहत लगाए गए आरोपों के लिए पांच साल से बिना जमानत के हिरासत में रखा गया है, जिसके बारे में स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह कानून के समक्ष समानता और उचित प्रक्रिया के अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन हो सकता है।

अमेरिकी सांसदों ने कहा कि वे समझते हैं कि ये मामले इस समय उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हैं और उन्होंने इस बात का स्वागत किया कि खालिद को अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अस्थायी जमानत दी गई।

जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को एक चिट्ठी लिखी

उन्होंने आग्रह किया कि खालिद को जमानत दी जाए और अदालत की कार्यवाही की अवधि के दौरान रिहा रखा जाए।वहीं, न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने 'कड़वाहट' को महत्व नहीं देने और स्वयं पर इसके हावी नहीं होने पर खालिद के विचारों को याद किया।

ममदानी की इस चिट्ठी को खालिद की सहयोगी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया। इस हाथ से लिखी चिट्ठी पर ममदानी के दस्तखत भी हैं। उन्होंने लिखा है, 'प्रिय उमर, मैं अक्सर आपके उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देने की बात थी। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सब आपको लेकर चिंतित हैं।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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