गुजरात में रेलवे यात्रियों को परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर रेलवे ने बड़ी कार्रवाई की है। अहमदाबाद समेत गुजरात के कई रेलवे बेस किचन में एक साथ जांच की गई। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग किचन पर करीब ₹40 लाख का जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई पालनपुर, मेहसाणा, अहमदाबाद, वीरमगाम, वटवा और सामाखियाली समेत छह जगहों पर की गई।
करीब 15 से 20 अधिकारियों की टीमों ने एक साथ बेस किचन और फूड सप्लाई से जुड़े ठिकानों की जांच की। इन बेस किचन से वंदे भारत समेत कई ट्रेनों और प्रीमियम ट्रेनों के यात्रियों के लिए खाना तैयार और सप्लाई किया जाता है।
कहीं सड़े आलू, कहीं एक्सपायर्ड फूड मिला
जांच के दौरान कुछ बेस किचन में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री स्टोर मिली। कहीं सड़े हुए आलू और खराब सब्जियां रखी मिलीं।एक बेस किचन में बेहद खराब स्वच्छता व्यवस्था, मक्खियां, खराब दाल में कीड़े और गंदे पानी के इस्तेमाल जैसी गंभीर खामियां सामने आईं। इसके बाद किचन को तत्काल सील कर दिया गया और कार्रवाई शुरू की गई।हालांकि, अधिकारियों ने फूड तैयार करने और सब्जियां काटने वाली जगहों पर स्वैब टेस्ट भी किए। DRM वेद प्रकाश के मुताबिक, इन जगहों पर किए गए स्वैब टेस्ट में बैक्टीरियल ग्रोथ नहीं मिली।
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एक किचन सील, 5 से 10 लाख तक जुर्माना
जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर अलग-अलग बेस किचन पर ₹5 लाख से ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया गया। सभी कार्रवाई में कुल जुर्माना करीब ₹40 लाख रहा। सील किए गए किचन के प्रभारी ने शुरुआत में दावा किया कि वहां हाइजीन का पूरा ध्यान रखा जाता था। हालांकि, पूछताछ के दौरान उन्होंने माना कि बाजार से आई सब्जियों की सही तरीके से जांच नहीं की गई थी। जुर्माने के बाद किचन में सफाई शुरू कर दी गई और स्टोरेज एरिया खाली कराया गया।कही बेस किचन पर भी ₹10 लाख का जुर्माना लगाया गया। जांच के दौरान यहां हाइजीन से जुड़ी कमियां और एक्सपायर्ड फूड मिलने की बात सामने आई।किचन के कर्मचारियों ने दावा किया कि एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री उनकी नहीं थी, बल्कि ट्रेन के स्टाफ की थी और वहां रखी गई थी। हालांकि, रेलवे के नियमों के मुताबिक यात्रियों के लिए खाना तैयार करने वाले परिसर में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री रखना गंभीर लापरवाही है। कार्रवाई के बाद किचन में सफाई कराई गई और कर्मचारियों को हाइजीन के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए।
अहमदाबाद DRM वेद प्रकाश के मुताबिक, जांच केवल तैयार खाने तक सीमित नहीं रही। अधिकारियों ने पूरी फूड सप्लाई चेन की जांच की।
इसमें शामिल था:
- कच्चे माल की गुणवत्ता
- फ्रीजर और स्टोरेज की स्थिति
- खाना बनाने की प्रक्रिया
- खाना पकाने का तापमान
- कोल्ड चेन
- तैयार खाने का ट्रांसपोर्ट
- खाना गर्म करने और यात्रियों को परोसने की प्रक्रिया
रेलवे के मुताबिक, बेस किचन में तैयार होने के बाद खाने को निर्धारित तापमान पर रखा जाता है और कोल्ड चेन के जरिए ट्रेन तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद जरूरत के मुताबिक उसे गर्म करके यात्रियों को परोसा जाता है।
कुछ किचन में तय जगह पर खाना ही नहीं बन रहा था
DRM ने बताया कि जांच के दौरान कुछ जगहों पर ऐसी स्थिति भी मिली, जहां रेलवे द्वारा अधिकृत बेस किचन में पूरा खाना तैयार नहीं किया जा रहा था। कुछ सामग्री कहीं और से मंगाकर इस्तेमाल की जा रही थी।रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं होने से खाने की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है।
रेलवे का दावा: यात्रियों की खाद्य सुरक्षा प्राथमिकता
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।अहमदाबाद समेत गुजरात के विभिन्न रेलवे बेस किचन में की गई इस कार्रवाई के बाद संबंधित कैटरर्स और किचन संचालकों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, आगे भी बेस किचन और यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने वाली व्यवस्थाओं की निगरानी जारी रहेगी।
