न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी का नया पैंतरा, जेल में बंद उमर खालिद को लिखा पत्र
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- Updated Jan 2, 2026, 07:38 AM IST
34 वर्षीय ममदानी ने दिसंबर 2025 में अमेरिका यात्रा के दौरान खालिद के माता-पिता से मुलाकात के समय उन्हें यह नोट सौंपा था। गुरुवार को जिस दिन ममदानी ने शपथ ली, खालिद की साथी बूनोज्योत्सना लाहिड़ी ने X पर एक पोस्ट में उस नोट की तस्वीर साझा की।
जोहरान ममदानी का उमर खालिद को पत्र
Zohran Mamdani pens note for Umar Khalid- न्यूयॉर्क शहर के भारतीय मूल के नए मेयर जोहरान ममदानी का नया पैंतरा सामने आया है। ममदानी ने जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद को हाथ से लिखा पत्र भेजा है। खालिद को संबोधित पत्र में ममदानी ने कहा, डियर उमर, मैं अक्सर कड़वाहट पर आपके शब्दों और इसे खुद पर हावी न होने देने के महत्व के बारे में सोचता हूं। आपके माता-पिता से मिलकर बहुत खुशी हुई। हम सभी आपके बारे में सोच रहे हैं।
खालिद के माता-पिता को सौंपा था पत्र
34 वर्षीय ममदानी ने दिसंबर 2025 में अमेरिका यात्रा के दौरान खालिद के माता-पिता से मुलाकात के समय उन्हें यह नोट सौंपा था। गुरुवार को जिस दिन ममदानी ने शपथ ली, खालिद की साथी बूनोज्योत्सना लाहिड़ी ने X पर एक पोस्ट में उस नोट की तस्वीर साझा की। उमर के माता-पिता साहिबा खानम और सैयद कासिम रसूल इलियास अपनी सबसे छोटी बेटी की शादी से ठीक पहले अपनी एक बड़ी बेटी से मिलने अमेरिका गए थे, जो वहां रहती है क्योंकि वह शादी में शामिल नहीं हो पा रही थी। वे अमेरिका में ममदानी और कुछ अन्य लोगों से मिले और उनके साथ काफी समय बिताया। उसी दौरान उन्होंने यह नोट लिखा।
यूएपीए के तहत जेल में बंद है खालिद
खालिद गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं के तहत 2020 से जेल में है। उसे दिसंबर में अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी। लाहिड़ी ने बताया कि उमर अपना सारा समय घर पर ही बिताता था क्योंकि जमानत की शर्तों के तहत उसे बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। लेकिन समय बहुत जल्दी बीत गया। उसे घर का बना खाना मिलता था जो उसकी मां अक्सर उसे खिलाती थी और वह अपने भतीजे-भतीजियों के साथ काफी समय बिताता था। वह अब फिर से जेल में है।
2023 में पिछले साल न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में ममदानी ने खालिद द्वारा लिखे गए एक पत्र को पढ़कर सुनाया, जिसमें उसने कहा था कि वह खुद को अपनी परिस्थितियों के बारे में कड़वाहट न रखने और उन्हें व्यापक दृष्टिकोण से देखने के लिए बार-बार समझाने की कोशिश करता रहता है। इस बीच कांग्रेस सदस्य जेम्स पी मैकगवर्न ने अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा को पत्र लिखकर 2020 के दिल्ली दंगों के संबंध में आरोपित लोगों को मुकदमे से पहले हिरासत में रखे जाने पर चिंता जताई। अपने पत्र में मैकगवर्न ने कहा, हिंसा भड़काने के आरोप में अधिकारियों ने उमर खालिद और अन्य मुस्लिम मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोप जारी किए हैं।