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UP Nikay Chunav: यूपी निकाय चुनाव की 'तारीखों' का एलान, आपके जिले में कब पड़ेंगे 'वोट, जानें इससे जुड़ी 'अहम जानकारियां'

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Apr 9, 2023, 11:24 PM IST

UP Nagar Nikay Chunav 2023 Date: उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव की तारीखों का एलान हो गया है चुनाव आयोग ने बताया कि यूपी में निकाय चुनाव दो दिन यानी 4 और 11 मई को होंगे, वहीं नतीजे 13 मई को आयेंगे, जानें आपके यहां कब है वोटिंग और चुनाव से जुड़ी सभी अहम बातें

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यूपी निकाय चुनाव की 'तारीखों' का एलान, दो चरणों में डाले जायेंगे वोट

Photo : BCCL

UP Nagar Nikay Chunav 2023 Latest News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बेहद अहम स्थान रखने वाले नगरीय निकाय चुनाव (Nagar Nikay Chunav) को लेकर अहम घोषणा 9 अप्रैल को गई, इसमें वोटिंग की तारीखों का एलान कर दिया गया है, इसके मुताबिक प्रदेश में दो चरण में निकाय चुनाव कराए जाएंगे। पहले चरण में लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर सहित 9 मंडलों में 4 मई को मतदान होगा वहीं दूसरे चरण में मेरठ, अयोध्या, कानपुर मंडल सहित 9 मंडलों में 11 मई को मतदान होगा और चुनाव नतीजे 13 मई को आयेंगे।

राज्य के 760 नगरीय निकाय चुनाव के अन्तर्गत कुल 14,684 पदों पर चुनाव होंगे इसमें 17 महापौर, 1420 पार्षद, नगर पालिका परिषदों के 199 अध्यक्ष, नगर पालिका परिषदों के 5327 सदस्य, नगर पंचायतों के 544 अध्यक्ष और नगर पंचायतों के 7178 सदस्यों के निर्वाचन के लिये चुनाव होगा।

गौर हो कि आयोग द्वारा निर्वाचन की अधिसूचना जारी करने से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को नगर निगमों के महापौर, नगर परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्षों के लिए अंतिम आरक्षण सूची जारी की।

तबादलों, पदोन्नति और नई योजनाओं पर रहेगी रोक

नगरीय निकाय चुनाव का एलान होते ही प्रदेश भर में आचार संहिता लागू हो गई है, 14 मई तक पूरे प्रदेश में तबादलों, पदोन्नति और नई योजनाओं, परियोजनाओं को लागू करने पर प्रतिबंध रहेगा। उधर नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्यों का एलान या शुरू करने पर प्रतिबंध रहेगा।

पहले चरण में 9 मंडल में वोटिंग होगी-

सहारनपुर मंडल

मुरादाबाद मंडल

आगरा मंडल

झांसी मंडल

प्रयागराज मंडल

लखनऊ मंडल

देवीपाटन मंडल

वाराणसी मंडल

गोरखपुर मंडल

दूसरे चरण में भी 9 मंडल में वोटिंग होगी

मेरठ मंडल

बरेली मंडल

अलीगढ़ मंडल

कानपुर मंडल

चित्रकूट मंडल

अयोध्या मंडल

बस्ती मंडल

आजमगढ़ मंडल

मिर्जापुर मंडल

पहले चरण में जिन शहरों में वोटिंग होनी हैं जान लें उनके नाम-

उन्नाव हरदोई, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोरखपुर, देवरिया, मुरादाबाद, रामपुर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी,शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, जालौन, ललितपुर, कुशीनगर, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, महाराजगंज

दूसरे चरण में जिन शहरों में वोटिंग होनी हैं एक निगाह उनपर-

बरेली, पीलीभीत, हाथरस, कासगंज, एटा, अलीगढ़, कानपुर, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज,शाहजहांपुर, मेरठ, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बागपत, बुलंदशहर, बदायूं, औरैया, कानपुर देहात, हमीरपुर, चित्रकूट, महोबा, बांदा, अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, अमेठी, बस्ती, संतकबीरनगर, सोनभद्र, भदोही, मिर्जापुर सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया

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अंतिम अधिसूचना के अनुसार, आगरा के महापौर सीट अनुसूचित जाति (महिला), झांसी की सीट अनुसूचित जाति (SC),शाहजहांपुर और फिरोजाबाद की सीट ओबीसी (महिला), सहारनपुर और मेरठ की सीट ओबीसी (OBC),लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है वहीं वाराणसी, प्रयागराज, अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, गोरखपुर, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन की आठ महापौर सीटें अनारक्षित होंगी। राज्‍य में 760 नगर निकायों के लिए जिसमें 17 नगर निगम की 199 नगर पालिका परिषद की और 544 नगर पंचायतों की आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी गयी है।

शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कराने का रास्ता हो गया था साफ

गौर हो कि उच्चतम न्यायालय ने 27 मार्च को उत्तर प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कराने का रास्ता साफ कर दिया और राज्य निर्वाचन आयोग को अन्य पिछड़ा वर्ग कोटे के साथ दो दिन के भीतर इस संबंध में अधिसूचना जारी करने की अनुमति दे दी थी।इससे पहले, राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के 27 दिसंबर, 2022 के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था।

up nikay chunav 2023 reservation

up nikay chunav 2023 reservation

अपील में कहा गया था कि उच्च न्यायालय पिछले साल पांच दिसंबर को जारी मसौदा अधिसूचना को रद्द नहीं कर सकता, जिसके तहत शहरी निकाय चुनावों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिलाओं के अलावा ओबीसी के लिए सीट आरक्षण प्रदान किया गया था। इसमें कहा गया था कि ओबीसी संवैधानिक रूप से संरक्षित एक वर्ग है और उच्च न्यायालय ने मसौदा अधिसूचना को रद्द करने में गलती की है।

रवि वैश्य
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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